जमालपुर (मुंगेर) : पूर्व रेलवे के मालदा रेल मंडल अंतर्गत जमालपुर जंक्शन पर बुधवार को रेल परिचालन प्रभावित रहा। अचानक आए व्यवधान के कारण इस रेलखंड से गुजरने वाली कई सुपरफास्ट, मेल और इंटरसिटी ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से चलीं। अप और डाउन दोनों दिशाओं में ट्रेनों के देर से पहुंचने के कारण जमालपुर स्टेशन पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
दिनभर प्लेटफॉर्म पर रही यात्रियों की भीड़
ट्रेनों की लेटलतीफी के चलते जमालपुर जंक्शन के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर दिनभर यात्रियों की भीड़ बनी रही। कई यात्री अपनी ट्रेन के आने का इंतजार करते रहे, जबकि कनेक्टिंग ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। ट्रेनों के समय में लगातार बदलाव और देरी की घोषणाओं के बीच यात्रियों को काफी समय प्लेटफॉर्म पर गुजारना पड़ा।
विक्रमशिला और इंटरसिटी समेत कई ट्रेनें लेट
रेल परिचालन पर सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी की ट्रेनों पर देखने को मिला। भागलपुर से आनंद विहार टर्मिनल जाने वाली डाउन विक्रमशिला एक्सप्रेस, भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी और पटना-दुमका एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटे की देरी से जमालपुर पहुंचीं।
इसके अलावा अप विक्रमशिला एक्सप्रेस, हावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस, हावड़ा-गया एक्सप्रेस और हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस भी निर्धारित समय से करीब दो घंटे विलंब से पहुंचीं।
गरीब रथ और ब्रह्मपुत्र मेल भी प्रभावित
आनंद विहार टर्मिनल से भागलपुर आने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से काफी देर से जमालपुर पहुंची। वहीं दानापुर-साहिबगंज इंटरसिटी और अप ब्रह्मपुत्र मेल लगभग एक घंटे की देरी से चलीं।
दर्जनभर प्रमुख ट्रेनों के प्रभावित होने से दैनिक यात्रियों के साथ लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कनेक्टिंग ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों की बढ़ी परेशानी
ट्रेनों के विलंब से चलने का सबसे अधिक असर उन यात्रियों पर पड़ा, जिन्हें जमालपुर या आसपास के स्टेशनों से दूसरी ट्रेन पकड़नी थी। पहली ट्रेन के देर से पहुंचने के कारण कई यात्रियों को अपनी अगली ट्रेन को लेकर चिंता बनी रही। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को भी अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगने की आशंका रही।
रेल परिचालन में आई इस बाधा के कारण जमालपुर जंक्शन पर यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि, ट्रेनों के विलंब के पीछे का सटीक कारण रेलवे की ओर से स्पष्ट नहीं किया गया है।
