डेस्क : पटना जंक्शन और दानापुर मंडल में यात्रियों को मिलने वाले खाने-पीने के सामान की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर रेलवे ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में रेलवे की टीम ने करीब 20 ट्रेनों की पैंट्री कारों में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान पानी, खाद्य सामग्री और कैटरिंग से जुड़ी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई।
पानी और खाद्य सामग्री में मिली अनियमितताएं
जांच के दौरान पैंट्री कारों में इस्तेमाल और यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे पानी तथा अन्य खाद्य-पेय पदार्थों की गुणवत्ता की पड़ताल की गई। कुछ मामलों में निर्धारित मानकों और नियमों का पालन नहीं किए जाने की शिकायतें सामने आईं। रेलवे ने संबंधित संचालकों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले भी दानापुर मंडल में रेलवे की टीम ने कई स्थानों पर डिकॉय चेकिंग अभियान चलाया था। इस अभियान के दौरान 207 जांच की गई थीं और करीब 3,000 अनधिकृत/नकली पानी की बोतलें जब्त की गई थीं। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों पर जुर्माना भी लगाया गया था।
यात्रियों की शिकायतों के बाद बढ़ाई गई निगरानी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यात्रियों से पानी की कीमत, अनधिकृत ब्रांड और खानपान की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद ट्रेनों, पैंट्री कारों, कैटरिंग स्टॉल और रेलवे परिसरों में औचक जांच तेज की गई है।
रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना तथा कैटरिंग सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखना है।
पैंट्री कारों पर अब AI की भी नजर
खानपान व्यवस्था में निगरानी मजबूत करने के लिए ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने पैंट्री कारों और बेस किचन में AI-enabled CCTV कैमरे लगाने की योजना भी बनाई है। ECR क्षेत्र में वर्तमान में 73 पैंट्री कार और ट्रेन-साइड वेंडिंग सेवाएं तथा 62 बेस किचन संचालित हैं। प्रस्तावित निगरानी व्यवस्था से भोजन की तैयारी, पैकेजिंग, स्वच्छता और सप्लाई पर 24 घंटे नजर रखने में मदद मिलेगी।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
रेलवे की लगातार जांच और तकनीकी निगरानी से उम्मीद है कि पैंट्री कारों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और निर्धारित दरों के पालन में सुधार होगा। यात्रियों को भी किसी तरह की शिकायत होने पर रेलवे के RailMadad प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है।







