पटना : दिल्ली और पटना के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की लंबे समय से चर्चा अब आगे बढ़ती नजर आ रही है। प्रस्तावित दिल्ली–पटना हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। करीब 865 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) रेल मंत्रालय को सौंप दी गई है।
865 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का प्रस्ताव
प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली को बिहार की राजधानी पटना से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। डीपीआर में कॉरिडोर की संभावित रूपरेखा, तकनीकी पहलुओं और परियोजना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं का अध्ययन शामिल है।
डीपीआर रेल मंत्रालय को सौंपे जाने के बाद अब परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर मंत्रालय स्तर पर समीक्षा और विचार किया जाएगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।
बिहार को मिलेगा तेज रेल कनेक्टिविटी का फायदा
अगर यह परियोजना मंजूर होकर जमीन पर उतरती है, तो दिल्ली और पटना के बीच यात्रा के समय में बड़ी कमी आने की उम्मीद है। हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी से बिहार के यात्रियों के साथ-साथ कारोबार, रोजगार और पर्यटन को भी फायदा मिल सकता है।
आगे क्या होगा?
डीपीआर सौंपे जाने के बाद परियोजना की तकनीकी और वित्तीय व्यवहार्यता, संभावित मार्ग, स्टेशन, लागत और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही परियोजना को लेकर अंतिम निर्णय और निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की स्थिति स्पष्ट होगी।







