बोधगया : जीविका दीदियों की आजीविका गतिविधियों को विस्तार देने और उन्हें स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को बोधगया स्थित एक होटल में बिहार ग्रामीण बैंक एवं जीविका की ओर से सम्मान सह समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग सुविधाएं सरलता से उपलब्ध कराने और समयबद्ध तरीके से ऋण मुहैया कराने पर विशेष जोर दिया गया।
19 सितंबर को होगा महा ऋण वितरण शिविर
बैठक में बताया गया कि 19 सितंबर को बिहार ग्रामीण बैंक की ओर से महा ऋण वितरण शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के क्रेडिट लिंकेज के तहत जीविका दीदियों को करीब 151 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में बड़े स्तर पर ऋण वितरण शिविर आयोजित कर महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के विस्तार में सहयोग दिया जाएगा। ऋण के माध्यम से महिलाएं अपने छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने के साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित कर सकेंगी।
समय पर वित्तीय सहायता जरूरी
जिला परियोजना प्रबंधक आचार्य मम्मट ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए समय पर वित्तीय सहायता मिलना बेहद जरूरी है। जीविका दीदियों ने जिले में स्वावलंबन की मिसाल पेश की है। बैंक और जीविका के बीच बेहतर समन्वय से महिला समूहों को छोटे-छोटे व्यवसायों को विस्तार देने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वित्तीय सहायता मिलने से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
हर बैंक शाखा में नोडल अधिकारी करेंगे सहयोग
सहायक महाप्रबंधक विकास कुमार ने कहा कि गया उन शुरुआती जिलों में शामिल है, जहां जीविका की शुरुआत हुई थी। बिहार ग्रामीण बैंक लगातार जीविका दीदियों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने और ऋण प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने बताया कि बैंक की प्रत्येक शाखा में एक विशेष अधिकारी या नोडल अधिकारी जीविका से संबंधित ऋण दस्तावेजों की त्वरित प्रक्रिया में सहयोग करेगा। इससे ऋण आवेदनों के निपटारे और वितरण में तेजी आने की उम्मीद है।
बैठक में स्वयं सहायता समूहों के खाते खोलने, दस्तावेजीकरण को सरल बनाने और ऋण आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
महिला समूहों को मिलेगा आर्थिक गतिविधियों का विस्तार
अधिकारियों ने कहा कि बैंक और जीविका के साझा प्रयासों से महिला स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। इससे ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रखंड परियोजना प्रबंधकों और वित्तीय समावेशन नोडल अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य प्रबंधक सुमंत कुमार, सूक्ष्म वित्त प्रबंधक बृजेश कुमार, संचार प्रबंधक दिनेश कुमार, नोडल अधिकारी संतोष कुमार सहित बैंक एवं जीविका के वरिष्ठ अधिकारी, सभी प्रखंड परियोजना प्रबंधक और वित्तीय समावेशन नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।







