पटना : बिहार में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा कि भूमि सर्वेक्षण का पहला चरण अब अंतिम दौर में है और अगले 10 दिनों के भीतर करीब 1000 मौजों के सर्वे का प्रकाशन किया जाएगा।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से बिहार में भूमि सर्वेक्षण का काम चल रहा है। अब एक चरण का काम पूरा होने के कगार पर है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से सर्वेक्षण प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
10 दिनों में 1000 मौजों का होगा प्रकाशन
दिलीप जायसवाल के अनुसार, अगले 10 दिनों के भीतर करीब 1000 मौजों के भूमि सर्वेक्षण का प्रकाशन किया जाएगा। इससे संबंधित क्षेत्रों के भू-स्वामियों को सर्वेक्षण से जुड़े अद्यतन रिकॉर्ड की जानकारी मिल सकेगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विशेष भूमि सर्वेक्षण से संबंधित सेवाएं और ऑनलाइन भू-अभिलेख उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार आधुनिक तकनीक के माध्यम से अद्यतन मानचित्र और खतियान तैयार किए जा रहे हैं।
हर अंचल कार्यालय पर नजर
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार के हर अंचल कार्यालय की गतिविधियों पर उनकी सूक्ष्म नजर है। उन्होंने भूमि सर्वेक्षण के काम में तेजी और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया है।
उन्होंने कहा कि भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त की प्रक्रिया पूरी होने से जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को अद्यतन करने में मदद मिलेगी। विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए नागरिक नए सर्वे के अनुसार अपना खाता और अन्य भूमि रिकॉर्ड भी देख सकते हैं।
भूमि विवादों के समाधान में मिलेगी मदद
सरकार की भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य पुराने भू-अभिलेखों और नक्शों को अद्यतन करना है। विभाग के अनुसार आधुनिक तकनीक और डिजिटल मानचित्र के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं। इससे भविष्य में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने और विवादों के समाधान में मदद मिलने की उम्मीद है।
अब 1000 मौजों के सर्वेक्षण प्रकाशन के बाद संबंधित क्षेत्रों के लोगों की नजर आगे की प्रक्रिया पर रहेगी। विभाग की ओर से भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी ऑनलाइन सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
