पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की कमान अब वरिष्ठ IAS अधिकारी हरजोत कौर बम्हरा को सौंपी गई है। आयोग के वर्तमान अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार के लंबी छुट्टी पर जाने के बाद राज्य सरकार ने हरजोत कौर बम्हरा को BPSC अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। वे 1992 बैच की बिहार कैडर की IAS अधिकारी हैं।
हरजोत कौर बम्हरा वर्तमान में बिहार राजस्व बोर्ड में चेयरमैन-सह-सदस्य के पद पर कार्यरत हैं। प्रशासनिक सेवा में उनके करीब 34 वर्षों का अनुभव है। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने बिहार में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली है।
कटिहार और बेगूसराय की रह चुकी हैं DM
हरजोत कौर बम्हरा कटिहार और बेगूसराय की जिलाधिकारी के रूप में भी काम कर चुकी हैं। इसके अलावा वे महिला एवं बाल विकास निगम की प्रबंध निदेशक के पद पर भी रह चुकी हैं। उन्होंने खान एवं भूतत्व विभाग और समाज कल्याण विभाग में अपर मुख्य सचिव के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाली है।
प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने राज्य और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। अब BPSC अध्यक्ष के तौर पर उनके सामने आयोग से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारियां होंगी।
लाखों अभ्यर्थियों से जुड़ी है BPSC की जिम्मेदारी
BPSC बिहार में विभिन्न सरकारी पदों पर नियुक्ति के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करता है। ऐसे में आयोग की नई अध्यक्ष के सामने परीक्षाओं के आयोजन, परिणाम जारी करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी।
BPSC की परीक्षाओं में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। ऐसे में आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अभ्यर्थियों का भरोसा बनाए रखना भी महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
2022 में बयान को लेकर विवादों में आई थीं
हरजोत कौर बम्हरा का नाम सितंबर 2022 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान को लेकर भी चर्चा में आया था। उस समय वे महिला विकास निगम की प्रबंध निदेशक थीं।
पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने सरकार से छात्राओं के लिए मुफ्त सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने की मांग की थी। इस पर हरजोत कौर की प्रतिक्रिया को लेकर विवाद हुआ था। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनके बयान की व्यापक चर्चा हुई थी।
कार्यक्रम के दौरान छात्रा और हरजोत कौर के बीच मुफ्त सैनिटरी पैड, जींस, जूते और परिवार नियोजन से जुड़े उत्पादों को लेकर बातचीत हुई थी। इसी दौरान छात्रा के पाकिस्तान जाने की बात कहे जाने को लेकर भी विवाद हुआ था।
विवाद बढ़ने के बाद हरजोत कौर ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। यह मामला उस समय राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहा था।
अब BPSC अध्यक्ष के तौर पर नई जिम्मेदारी
अब करीब चार साल बाद हरजोत कौर बम्हरा को BPSC की अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। प्रशासनिक अनुभव वाले अधिकारी के तौर पर उनके सामने आयोग की परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी। आने वाले समय में आयोग की कार्यप्रणाली और अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
