पटना: बिहार में गरीब परिवारों को 3 डिसमिल जमीन देने के सरकार के वादे को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंच रही हैं। बताया जा रहा है कि महिलाएं आधी रात से ही मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचना शुरू कर देती हैं। जैसे ही उन्हें जानकारी मिली कि गरीब परिवारों को 3 डिसमिल जमीन देने की प्रक्रिया शुरू हो रही है, बड़ी संख्या में महिलाएं अपने जरूरी दस्तावेज लेकर सचिवालय पहुंचीं।
महिलाओं के हाथों में संविधान की प्रतियां और जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज नजर आए। मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचीं महिलाओं का कहना है कि उन्हें सरकार की ओर से गरीब परिवारों को जमीन देने की जानकारी मिली है। इसी उम्मीद के साथ वे अपने दस्तावेज लेकर यहां पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री सचिवालय में महिलाओं से दस्तावेज जमा कराए जा रहे हैं। दस्तावेज जमा करने के बाद उन्हें प्राप्ति रसीद भी दी जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद महिलाओं के बीच उम्मीद जगी है कि अब उन्हें रहने के लिए जमीन मिल सकेगी।
हालांकि, इस मामले में एक बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है। महिलाओं को जो प्राप्ति रसीद दी जा रही है, क्या उसी के आधार पर उन्हें 3 डिसमिल जमीन आवंटित की जाएगी या इसके बाद भी कोई अन्य प्रक्रिया पूरी करनी होगी, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
यानी दस्तावेज जमा होने और प्राप्ति रसीद मिलने के बाद जमीन का वास्तविक आवंटन किस प्रक्रिया के तहत होगा, इसके लिए आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
फिलहाल मुख्यमंत्री सचिवालय में बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने और दस्तावेज जमा करने का सिलसिला जारी है। महिलाओं को उम्मीद है कि सरकार के वादे के अनुसार उन्हें जल्द ही जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुख्यमंत्री सचिवालय में जमा किए जा रहे इन दस्तावेजों के बाद अगला कदम क्या होगा? क्या प्राप्ति रसीद के आधार पर ही जमीन मिलेगी या जमीन आवंटन से पहले कोई और प्रक्रिया पूरी करनी होगी? इसका स्पष्ट जवाब आधिकारिक प्रक्रिया सामने आने के बाद ही मिल सकेगा।







