पटना : बिहार में बाढ़ से हुए भारी नुकसान के बीच केंद्र सरकार ने प्रभावित परिवारों को राहत देने का भरोसा दिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बाढ़ में जिन लोगों के घर पूरी तरह टूट गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर केंद्र सरकार हरसंभव मदद करेगी।
15 जिलों में बाढ़ का असर, करीब 50 लाख लोग प्रभावित
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि बिहार के 15 जिलों के 88 प्रखंड और 575 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। करीब 2500 गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है, जबकि लगभग 60 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद होने की जानकारी सामने आई है। कुल मिलाकर करीब 49.7 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
टूटे घरों के लिए PM आवास योजना से मिलेगी मदद
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह टूट गए हैं, उन्हें ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाढ़ से हुए नुकसान का अभी पूरा आकलन नहीं हुआ है। घरों के अलावा सड़क, पुल-पुलिया और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को हुए नुकसान का भी विस्तृत सर्वे कराया जाएगा।
8 लाख से अधिक प्रभावित परिवारों को मिली आर्थिक सहायता
बिहार सरकार की ओर से अब तक करीब 8.27 लाख प्रभावित परिवारों को 579 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि DBT के माध्यम से भेजी गई है। प्रभावित लोगों को सात-सात हजार रुपये की सहायता दी गई है। जिन लोगों को अभी तक राशि नहीं मिली है, उन्हें भी सहायता देने की बात कही गई है।
किसानों के लिए भी मदद का ऐलान
बाढ़ से केला और मक्का समेत कई फसलों को भारी नुकसान हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में आगे कौन-सी वैकल्पिक फसलें उगाई जा सकती हैं, इसका आकलन कृषि विभाग करेगा।
केंद्र सरकार किसानों को वैकल्पिक फसलों के लिए बीज उपलब्ध कराने में भी मदद करेगी, ताकि बाढ़ के बाद खेती को दोबारा पटरी पर लाया जा सके।
तटबंधों और राहत शिविरों का भी लिया जायजा
शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। हाजीपुर में दोनों नेताओं ने ट्रैक्टर पर सवार होकर प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान फसलों, सड़कों और तटबंधों की स्थिति देखी गई।
केंद्रीय मंत्री ने राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी पाठशालाएं भी शुरू की गई हैं।
बिहार में बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिहार को हर साल बाढ़ और कई इलाकों में सुखाड़ जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में केवल तत्काल राहत देने के बजाय बाढ़ और सुखाड़ की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के सहयोग से केंद्र सरकार इस दिशा में काम करेगी और बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक उपायों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
क्या है खास?
- बाढ़ में टूटे घरों के लिए PM आवास योजना से सहायता का आश्वासन
- 15 जिलों में बाढ़ का असर
- करीब 49.7 लाख लोग प्रभावित
- 8.27 लाख परिवारों को 579 करोड़ रुपये से अधिक की DBT सहायता
- किसानों को वैकल्पिक फसल के लिए बीज उपलब्ध कराने की तैयारी
- केंद्र ने बाढ़ के स्थायी समाधान की दिशा में काम करने की बात कही
