Agniveer New Exit Plan: अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की चार साल की सेवा पूरी होने के बाद उनके भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव की चर्चा चल रही है। रिपोर्टों के अनुसार, सशस्त्र बल चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से अधिक संख्या को नियमित सेवा में बनाए रखने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं।
चार साल बाद क्या होता है?
अग्निपथ योजना के मौजूदा प्रावधान के तहत अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष निर्धारित है। चार वर्ष पूरे होने के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित सेवा में नहीं रखा जाता। वर्तमान व्यवस्था में प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी सेवा, प्रदर्शन और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है।
बाकी अग्निवीरों को सेवा से मुक्त किया जाता है और उन्हें निर्धारित सेवा निधि (Seva Nidhi) सहित अन्य लाभ दिए जाते हैं।
अब स्थायी भर्ती का दायरा बढ़ाने पर चर्चा
2026 में अग्निपथ योजना की समीक्षा के बीच तीनों सेनाओं में अग्निवीरों को लंबे समय तक बनाए रखने की संख्या बढ़ाने के प्रस्तावों की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, भारतीय नौसेना में यह अनुपात 70-75 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव चर्चा में है, जबकि सेना और वायुसेना में इसे लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के विकल्प पर विचार की खबरें हैं।
हालांकि, ये अभी प्रस्ताव/विचार-विमर्श हैं। इन्हें अंतिम सरकारी निर्णय या लागू नियम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
बदलाव की जरूरत क्यों महसूस हो रही है?
रिपोर्टों के अनुसार, चार साल की अवधि के कारण सेना में प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष कर्मियों को अपेक्षाकृत कम अवधि के बाद खोने की चिंता सामने आई है। विशेष रूप से तकनीकी और विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण पर किए गए निवेश को देखते हुए अधिक अग्निवीरों को बनाए रखने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।
अग्निवीरों के लिए मौजूदा व्यवस्था
अग्निपथ योजना जून 2022 में शुरू की गई थी। इसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी रैंक से नीचे के पदों पर युवाओं की भर्ती की जाती है। अग्निवीरों की प्रारंभिक सेवा अवधि चार वर्ष होती है।
चार वर्ष पूरे होने के बाद नियमित कैडर में चयनित होने वाले अग्निवीर आगे लंबी अवधि की सैन्य सेवा जारी रखते हैं, जबकि अन्य को सेवा निधि और निर्धारित अन्य लाभों के साथ बाहर किया जाता है। भारतीय सेना के आधिकारिक नियमों में चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए सेवा निधि पैकेज का प्रावधान भी दर्ज है।
पहली बैच के लिए क्यों अहम है 2026?
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुई पहली बैच के अग्निवीर 2026 में अपनी चार साल की सेवा अवधि पूरी करने की दिशा में हैं। इसी वजह से योजना की वास्तविक कार्यप्रणाली और भविष्य के मानव संसाधन मॉडल की समीक्षा महत्वपूर्ण हो गई है।
क्या चार साल बाद सभी अग्निवीरों को स्थायी सरकारी नौकरी मिलेगी?
नहीं। फिलहाल ऐसा कोई अंतिम नियम घोषित नहीं हुआ है। उपलब्ध रिपोर्टों में अधिक अग्निवीरों को नियमित सेवा में बनाए रखने के प्रस्तावों की बात कही गई है। इसलिए इसे इस तरह समझना सही होगा कि चार साल बाद स्थायी सेवा में चयन का प्रतिशत बढ़ाने पर विचार चल रहा है, न कि सभी अग्निवीरों को स्वतः स्थायी सरकारी नौकरी देने का फैसला हो चुका है।







