भागलपुर: उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन की प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट के बीच राज्य सरकार ने पुल को पुराने स्वरूप में बहाल करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली है।
हाल ही में भागलपुर के राहत शिविरों का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि एक अक्टूबर से सेतु पर बने अस्थायी बेली ब्रिज को हटाने और स्थायी मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
मई 2026 में पुल का एक स्लैब क्षतिग्रस्त होकर गंगा नदी में गिर गया था। इसके बाद बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन की मदद से अस्थायी बेली ब्रिज तैयार किया गया था। इसके जरिए छोटी गाड़ियों के लिए एकतरफा यातायात बहाल किया गया था।
पहले इस मरम्मत कार्य को 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन अगस्त और सितंबर की शुरुआत में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी और बाढ़ की स्थिति के कारण काम का शेड्यूल बदलना पड़ा। अब एक अक्टूबर से बेली ब्रिज हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
संशोधित योजना के अनुसार, 31 दिसंबर तक क्षतिग्रस्त हिस्से पर स्थायी कंक्रीट स्लैब डालने का काम पूरा करने का लक्ष्य है। जनवरी 2027 में पुल को पूरी तरह कंक्रीट स्वरूप में बहाल करने की तैयारी है। इसके बाद भारी मालवाहक वाहनों समेत सभी वाहनों का परिचालन सामान्य होने की उम्मीद है।
126 करोड़ रुपये की इस परियोजना को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की ओर से आईआईटी पटना के विशेषज्ञों के सहयोग से पूरा किया जा रहा है। मरम्मत के लिए जरूरी भारी स्ट्रक्चरल सामग्री और मशीनें पंजाब और हरियाणा से भागलपुर पहुंच चुकी हैं।
एक अक्टूबर से मरम्मत के लिए पुल पूरी तरह बंद किए जाने के बाद भागलपुर से नवगछिया, कोसी और सीमांचल जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खास तौर पर दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी की है।
यात्रियों की आवाजाही के लिए बरारी पुलघाट से 7 बड़े यात्री और मालवाहक जहाज चलाने की व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए जहाजों पर लाइफ जैकेट, स्थानीय गोताखोर, एनडीआरएफ और पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
इसके अलावा घाटों पर अवैध और ओवरलोड बालू व गिट्टी लदे वाहनों की निगरानी के लिए विशेष प्रवर्तन टीमें भी तैनात की जाएंगी।
वहीं, विक्रमशिला सेतु पर लगने वाले जाम से स्थायी राहत दिलाने के लिए समानांतर बन रहे फोरलेन महासेतु की परियोजना पर भी काम तेज किया जा रहा है। बाढ़ के कारण मुख्य नदी क्षेत्र में निर्माण कार्य कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ था, लेकिन अब सहायक बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों को गति दी जा रही है।
राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर ने नवगछिया जीरोमाइल से चौधरीडीह पेट्रोल पंप तक प्रस्तावित फोरलेन पहुंच पथ के चौड़ीकरण की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। इसके लिए जगदीशपुर अंचल के अधिकारियों को सरकारी जमीन की मापी और सीमांकन की जिम्मेदारी दी गई है।
फोरलेन पहुंच पथ की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजी जा चुकी है। प्रस्तावित पहुंच पथ में रेलवे की करीब 50 मीटर जमीन भी शामिल है। इस जमीन का दोबारा भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि मुख्य पुल और फोरलेन एप्रोच रोड का निर्माण समय पर पूरा होने से भागलपुर बायपास और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलेगा।







