पटना/मोकामा : बिहार की राजनीति में अनंत सिंह और जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार के बीच पुराना राजनीतिक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। पटना स्नातक एमएलसी चुनाव के बीच अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके घर में AK-47 रखकर उन्हें फंसाया गया और जेल भेजा गया। नीरज कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यदि आरोप लगाने वाले के पास कोई प्रमाण है तो उन्हें अदालत का रुख करना चाहिए।
MLC चुनाव के बीच अनंत सिंह का बड़ा बयान
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि एमएलसी चुनाव पार्टी का चुनाव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे और उन्हें चुनाव में हराने के लिए काम करेंगे।
अनंत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह चुनाव मैदान में थे, तब भी नीरज कुमार ने उनका विरोध किया था। उनके मुताबिक, इसी राजनीतिक विरोध की वजह से दोनों के बीच लंबे समय से मतभेद चले आ रहे हैं।
AK-47 मामले को लेकर नीरज कुमार पर आरोप
अनंत सिंह ने अपने पुराने मामले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उनके घर में AK-47 रखवाकर उन्हें फंसाया गया और जेल भेजा गया। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की और जरूरत पड़ने पर नार्को टेस्ट की बात भी कही। हालांकि, ये अनंत सिंह द्वारा लगाए गए आरोप हैं।
नीरज कुमार ने कहा- सबूत है तो कोर्ट जाएं
अनंत सिंह के आरोपों पर नीरज कुमार ने पलटवार किया। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि अनंत सिंह के पास कोई प्रमाण है तो उन्हें अदालत में जाना चाहिए। नीरज कुमार ने आरोपों को निराधार बताया और कानूनी प्रक्रिया अपनाने की बात कही।
2015 में शुरू हुई राजनीतिक टक्कर
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक दूरी की प्रमुख कड़ी 2015 के मोकामा विधानसभा चुनाव को माना जाता है। उस चुनाव में जेडीयू ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था, जबकि अनंत सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा।
चुनाव परिणाम में अनंत सिंह को 54,005 वोट मिले, जबकि नीरज कुमार को 35,657 वोट मिले। अनंत सिंह ने करीब 18 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक दूरी और मतभेद की चर्चा तेज होती रही।
2019 का AK-47 मामला फिर आया चर्चा में
2019 में अनंत सिंह के पैतृक गांव लदमा स्थित घर पर पुलिस छापेमारी के दौरान AK-47, मैगजीन, कारतूस और हैंड ग्रेनेड बरामद होने का मामला सामने आया था। इस मामले में अनंत सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई और उन्होंने बाद में अदालत में आत्मसमर्पण किया।
उस समय भी अनंत सिंह ने खुद को फंसाए जाने का आरोप लगाया था और कुछ नेताओं पर सवाल उठाए थे।
हाईकोर्ट से मिली थी राहत
AK-47 और हैंड ग्रेनेड बरामदगी के मामले में निचली अदालत से दोषी ठहराए जाने के बाद अनंत सिंह ने पटना हाईकोर्ट का रुख किया था। अगस्त 2024 में पटना हाईकोर्ट ने इस मामले में उन्हें बरी कर दिया। इसके बाद वह जेल से बाहर आए।
2025 में भी सामने आया था दोनों के बीच मतभेद
दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी चर्चा में रहे। उस समय नीरज कुमार ने अनंत सिंह के लिए चुनाव प्रचार करने से इनकार किया था। उनके एक बयान को लेकर भी दोनों खेमों के बीच राजनीतिक तल्खी की चर्चा हुई थी।
अब MLC चुनाव ने पुराने विवाद को फिर हवा दी
2026 के पटना स्नातक एमएलसी चुनाव के बीच नीरज कुमार को लेकर अनंत सिंह के विरोध ने दोनों नेताओं के पुराने विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है। एक तरफ अनंत सिंह उनके खिलाफ खुलकर बयान दे रहे हैं, तो दूसरी ओर नीरज कुमार आरोपों को खारिज करते हुए सबूत के साथ अदालत जाने की बात कह रहे हैं।
फिलहाल, AK-47 से जुड़े ताजा आरोपों को लेकर दोनों नेताओं के अलग-अलग दावे सामने हैं। ऐसे में इस विवाद का राजनीतिक और कानूनी असर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है।
