डेस्क : बिहार में विकास योजनाओं और सरकारी परिसंपत्तियों की स्थिति पर अब ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। राज्य सरकार ने ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ की शुरुआत की है। यह अभियान 17 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य पुरानी सरकारी परिसंपत्तियों के उन्नयन और मरम्मत के साथ-साथ नई आधारभूत सुविधाओं का निर्माण करना है।
पोर्टल पर दर्ज होगी योजनाओं की पूरी जानकारी
अभियान के तहत चयनित योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इसमें विभाग, गतिविधि की श्रेणी, योजना का नाम, कार्य का विवरण, अनुमानित लागत, मानव दिवस और भू-निर्देशांक (Geotagging) सहित कुल 14 प्रकार की आवश्यक जानकारियां शामिल होंगी।
इससे योजनाओं की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी और संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर समीक्षा करना आसान होगा।
हर पंचायत में विकास कार्यों का चयन
अभियान के तहत पंचायत और गांव स्तर पर स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंचायत स्तर पर सरकारी परिसंपत्तियों के सुदृढ़ीकरण और जनसुविधाओं के उन्नयन पर विशेष जोर रहेगा।
इनमें स्कूल, सरकारी भवन, पेयजल व्यवस्था, बिजली, साफ-सफाई, रंग-रोगन और अन्य जरूरी सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हो सकते हैं।
30 नवंबर तक रखरखाव और सौंदर्यीकरण का लक्ष्य
सरकार ने पुराने परिसंपत्तियों से जुड़े साफ-सफाई, रंग-रोगन, रखरखाव, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं के कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। अभियान की समीक्षा के दौरान इन कार्यों को 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है। वहीं, स्वीकृत नई आधारभूत संरचनाओं से जुड़े कार्यों को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने की समयसीमा निर्धारित की गई है।
ग्राम सभा की भूमिका भी महत्वपूर्ण
अभियान के तहत 17 सितंबर को विशेष ग्राम सभा आयोजित कर योजनाओं के अनुमोदन की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद चयनित योजनाओं की जानकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर पोर्टल पर दर्ज की जानी है।
सरकारी योजनाओं की निगरानी के लिए डिजिटल व्यवस्था
बिहार सरकार का मौजूदा मुख्यमंत्री संकल्प डैशबोर्ड भी विभिन्न जिलों, विभागों और प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति के एकीकृत अनुश्रवण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। आधिकारिक डैशबोर्ड के अनुसार इसमें 48 विभाग और 38 जिले शामिल हैं तथा परियोजनाओं, घोषणाओं और समीक्षा बैठकों से जुड़े कार्यों की प्रगति पर निगरानी की व्यवस्था है।







