बक्सर : छात्राओं के साथ घिनौनी हरकत करने के आरोपों में दो शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। छात्राओं से छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और ऑडियो के जरिए धमकी देने के आरोप जांच में सही पाए गए। इसके बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
बर्खास्त किए गए शिक्षकों में डुमरांव प्रखंड के नथुनी अहिर के डेरा स्थित मध्य विद्यालय के सहायक शिक्षक विरेन्द्र प्रसाद और विद्यालय अध्यापक अरविन्द कुमार शामिल हैं। सेवा से बर्खास्त किए जाने के बाद दोनों भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य होंगे।
2 सितंबर को निलंबन, 21 सितंबर को बर्खास्तगी
मामला सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कड़ा रुख अपनाया था। उनके निर्देश पर 2 सितंबर को दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। इसके अगले दिन 3 सितंबर को आरोप पत्र गठित कर विभागीय जांच शुरू की गई।
डुमरांव के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हुई थी। जांच के दौरान दोनों के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनिक प्राधिकार ने पूरे मामले की समीक्षा की। इसके बाद बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (XI) के तहत दोनों शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने का फैसला लिया गया।
POCSO Act के तहत कार्रवाई के निर्देश
घटना के सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री ने बक्सर के DM और SP को दोनों आरोपित शिक्षकों के खिलाफ POCSO Act के तहत FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। साथ ही गिरफ्तारी के बाद Fast Track Court के जरिए Speedy Trial कराने की बात कही गई थी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन, विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षक-छात्र मर्यादा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य के रिश्ते को कलंकित करने वाले लोगों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।







