मुजफ्फरपुर : बिहार में BPSC के TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच की प्रक्रिया एक बार फिर तेज कर दी गई है। विभागीय निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने सभी प्रखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को संबंधित शिक्षकों के आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
स्व-अभिप्रमाणित प्रमाण पत्र जमा कराने का निर्देश
DEO की ओर से जारी निर्देश में शिक्षकों के शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक और अन्य जरूरी प्रमाण पत्रों की स्व-अभिप्रमाणित (Self-Attested) छायाप्रति उपलब्ध कराने को कहा गया है।
बताया गया है कि नियुक्ति के अलग-अलग चरणों में शिक्षकों की अर्हता की जांच के निर्देश पहले भी दिए जा चुके हैं। हालांकि, कई शिक्षकों के प्रमाण पत्र अभी तक विभाग को उपलब्ध नहीं हो पाए थे। ऐसे में लंबित दस्तावेजों को जुटाकर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
किन-किन दस्तावेजों की होगी जांच?
दस्तावेज सत्यापन के दौरान शिक्षकों के विभिन्न प्रमाण पत्रों का मिलान किया जाएगा। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं-
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र
- TET/CTET उत्तीर्ण प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- आरक्षण से संबंधित दस्तावेज
- नियुक्ति पत्र
आरक्षण का लाभ लेकर नियुक्त हुए शिक्षकों के संबंधित प्रमाण पत्रों की भी जांच की जाएगी।
पहले भी हो चुका है दस्तावेज सत्यापन
BPSC के माध्यम से शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच पहले भी की जा चुकी है। इसी वजह से अब दोबारा सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर कुछ शिक्षकों में सवाल और असमंजस की स्थिति है।
कुछ शिक्षकों का कहना है कि नियुक्ति से पहले ही BPSC स्तर पर उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जा चुका था। ऐसे में दोबारा जांच को लेकर शिक्षकों के बीच नाराजगी भी देखी जा रही है।
लंबित दस्तावेजों को जल्द उपलब्ध कराने पर जोर
विभाग का फोकस फिलहाल उन शिक्षकों के दस्तावेज जुटाने और उनकी जांच पूरी करने पर है, जिनके प्रमाण पत्र अभी तक संबंधित कार्यालयों में उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। BEO के माध्यम से इन दस्तावेजों को प्राप्त कर सत्यापन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
