पटना : जमुई में छात्रा के साथ छेड़छाड़ की घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने घटना को शर्मनाक बताते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कानून-व्यवस्था को लेकर दिए गए पुराने बयान पर सवाल उठाया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि सम्राट चौधरी ने कहा था कि रात में निकलने पर कुछ नहीं होगा। अब जमुई की घटना के बाद सवाल उठता है कि आखिर क्या हुआ? उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपनी जुबान के पक्के हैं तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
तेजस्वी ने JDU नेताओं ललन सिंह, श्रवण कुमार, उमेश कुशवाहा और श्रेयसी सिंह पर भी तंज कसा। उन्होंने सवाल किया कि अगर नेताओं की बच्चियों के साथ ऐसी घटना होती तो क्या इसे भी छुटपुट घटना कहा जाता? उन्होंने पूछा कि अगर श्रेयसी सिंह के साथ ऐसी घटना होती तो क्या इसे सम्मानजनक बताया जाता?
तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछले एक महीने के अखबारों में छपी अपराध की घटनाओं का बुलेटिन देखना चाहिए। उन्होंने दरभंगा, मधेपुरा और सीतामढ़ी की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में स्टूडेंट, किसान और मजदूर समेत कोई भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने शिक्षकों पर भी छात्राओं के साथ दुष्कर्म के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि नाबालिग और कम उम्र की बच्चियों के खिलाफ भी गंभीर अपराध हो रहे हैं।
पुलिस कस्टडी में मौत का मुद्दा उठाया
तेजस्वी यादव ने पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस बेगुनाह लोगों को फंसाती है, गलत आरोप लगाती है और कई मामलों में जेल में ही उनकी मौत हो जाती है।
उन्होंने हाल की एक घटना का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि एक्साइज पुलिस ने एक व्यक्ति को छोड़ने के लिए ₹1 लाख की मांग की। पैसे नहीं मिलने पर उसे झूठे आरोप में जेल भेज दिया गया और बाद में जहर देकर मार दिया गया। तेजस्वी ने मांझी, रोशन यादव, राकेश कुमार, गुफरान आलम, तस्कीन अंसारी, जगबीर राय और भारत तिवारी समेत कई मामलों का जिक्र करते हुए पुलिस कस्टडी में मौतों पर सवाल उठाए।
तेजस्वी ने संसद में पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय के जवाब का भी हवाला दिया और दावा किया कि केवल 75 दिनों के भीतर 19 लोगों की पुलिस कस्टडी में मौत हुई है।
ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर सरकार पर निशाना
तेजस्वी यादव ने बिहार में पुलिस अधिकारियों के तबादले को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यहां हर सप्ताह ट्रांसफर होता है और ईमानदार पुलिसकर्मियों को परेशान किया जाता है, जबकि घूसखोरों को संरक्षण मिलता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा— “चंदा दो और मनचाहा ट्रांसफर पाओ।”
उन्होंने सवाल किया कि अब तक FIR दर्ज क्यों नहीं हुई? क्या यही जांच प्रणाली है और इस मामले में दोषियों पर कब कार्रवाई होगी?
पीड़ित परिवार को मुआवजा और नौकरी की मांग
तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि मामले में तुरंत जेल अधीक्षक पर कार्रवाई हो, पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से पीड़ित परिवार को ₹1 लाख की सहायता दी गई है।
जमुई मामले में 8 लोगों के शामिल होने का दावा
जमुई घटना को लेकर तेजस्वी यादव ने दावा किया कि घटना में 8 लोग शामिल थे। उन्होंने सवाल उठाया कि कार्रवाई सिर्फ एक व्यक्ति पर क्यों हुई और बाकी 7 लोग कहां हैं?
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग भी की।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि जिस दिन जमुई की घटना हुई, उस दिन मुख्यमंत्री और सम्राट चौधरी जातीय सम्मेलन में शामिल थे।
जीतन राम मांझी पर भी हमला
तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मांझी को बिहार से कोई मतलब नहीं है और कहा कि उन्हें आवास और सुरक्षा मिल गई है, उनका बेटा मंत्री है और वह घूसखोरी करवा रहे हैं। जमुई की घटना से लेकर पुलिस कस्टडी में मौत और कानून-व्यवस्था के मुद्दे तक तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को घेरते हुए कई सवाल उठाए।
