पटना, 22 सितंबर 2026 : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में ₹100 करोड़ से अधिक लागत वाली विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए अधिकारियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ‘बिहार गति’ के तहत चल रही विभिन्न परियोजनाओं और केंद्र प्रायोजित एवं राज्य योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में सड़क, पेयजल, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा और समाज कल्याण से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं में किसी तरह की बाधा या देरी है, उसे तत्काल चिन्हित कर समाधान किया जाए। साथ ही परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा।
गया में IMC का अक्टूबर में शुभारंभ
औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के तहत गया में बनने वाले इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) का अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में शुभारंभ कराने का निर्देश दिया।
सरकार के अनुसार, IMC के शुरू होने से बिहार में करीब ₹20 हजार करोड़ का निवेश आने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को औद्योगिक परियोजना के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना और अन्य सुविधाओं का विकास समय पर पूरा करने को कहा।
सुल्तानगंज-तारापुर सड़क को फोरलेन करने की तैयारी
सुल्तानगंज-तारापुर-संग्रामपुर-बेलहर-कटोरिया-चन्दन-दर्दमारा सड़क परियोजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने 0 से 40 किलोमीटर तक के हिस्से को फोरलेन बनाने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही बेलहर से दर्दमारा तक फोरलेन सड़क निर्माण की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार करने पर जोर दिया।
औरंगाबाद, सासाराम और डेहरी को मिलेगा सोन नदी का पानी
बैठक में औरंगाबाद, सासाराम और डेहरी पेयजल आपूर्ति योजना की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना के तहत सोन नदी के सतही जल का उपयोग पेयजल के रूप में किया जाना है।
मुख्यमंत्री ने परियोजना की गुणवत्ता और प्रगति की लगातार निगरानी करते हुए इसे निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने वाली योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जयनगर में कमला नदी पर बैराज निर्माण में तेजी
मधुबनी जिले के जयनगर में कमला नदी पर बैराज निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने जल संसाधन और सिंचाई से जुड़ी परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि किसानों को इनका लाभ समय पर मिल सके।
दक्षिण बिहार में नहरों और तटबंधों का होगा सोलराइजेशन
बैठक में दक्षिण बिहार की नहरों और नदियों के तटबंधों के सोलराइजेशन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सौर ऊर्जा के अधिक से अधिक उपयोग और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया।
दशहरा से पहले आंगनवाड़ी कर्मियों के लंबित मानदेय का भुगतान
समाज कल्याण विभाग और ICDS की योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कर्मियों और संबंधित कर्मियों के लंबित मानदेय का भुगतान दुर्गा पूजा/दशहरा से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0, मिशन शक्ति-सामर्थ्य और किशोरी बालिकाओं के लिए भोजन योजना सहित विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। आंगनवाड़ी सेवाओं और पोषण कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा भी करने का निर्देश दिया गया।
परियोजनाओं की गति, गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बिहार गति’ के तहत ₹100 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं राज्य के विकास और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से सड़क, पेयजल, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा और सामाजिक क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार होगा।
उन्होंने सभी विभागों को अपनी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग करने को कहा। परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं को चिह्नित कर उनके समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित पथ निर्माण, जल संसाधन, उद्योग, ऊर्जा, समाज कल्याण, राजस्व एवं भूमि सुधार, पर्यावरण, खेल और अन्य विभागों के वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
