Homeराज्यजमुई मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, राजेश राम बोले-...

जमुई मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, राजेश राम बोले- बिहार को रील नहीं, कानून का राज चाहिए

डेस्क : जमुई की घटना को लेकर बिहार कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने शनिवार को पटना स्थित सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ नारे पर राजेश राम ने उठाए सवाल

राजेश राम ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देने वाली केंद्र सरकार के शासन में बिहार में बेटियों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में यह नारा प्रभावी रूप से लागू होता दिखाई नहीं दे रहा है।

जमुई की घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यौन अपराधों के मामलों में पीड़िता की पहचान और निजता की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी या मुख्यमंत्री से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल से पीड़ित परिवार से संबंधित सामग्री प्रसारित की गई है, तो इसकी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होनी चाहिए।

‘क्या कानून आम लोगों और सत्ता के लिए अलग है?’

राजेश राम ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी आम नागरिक के खिलाफ ऐसी स्थिति में कार्रवाई की जा सकती है, तो सत्ता के शीर्ष स्तर से जुड़ी किसी कार्रवाई की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें अपराधियों के रील बनाने के बाद पकड़े जाने की बात कही गई थी। राजेश राम ने कहा, “बिहार को रील नहीं, कानून का राज चाहिए।”

नवीन के खिलाफ कार्रवाई पर कांग्रेस ने क्या कहा?

बिहार युवा कांग्रेस के सचिव एवं बिहार प्रभारी पुनीत सिंह पारिया ने कहा कि जमुई की घटना के विरोध में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता नवीन ने प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि यदि नवीन या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत मामला बनता है, तो कांग्रेस को न्यायसंगत कार्रवाई से कोई आपत्ति नहीं है।

हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के नाम पर नवीन के परिवार को परेशान किया जा रहा है। पारिया ने कहा कि कानून के तहत कार्रवाई और परिवार को प्रताड़ित करने के बीच अंतर है और प्रशासनिक शक्ति के कथित दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पुलिस कस्टडी के वीडियो को लेकर भी सवाल

पुनीत सिंह पारिया ने एक वीडियो को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि वीडियो पुलिस कस्टडी के दौरान बनाया गया और बाद में मुख्यमंत्री से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंचा, तो यह जांच का विषय है कि वीडियो वहां तक कैसे पहुंचा।

उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यह स्पष्ट किया जाए कि वीडियो किसने बनाया, किसके निर्देश पर बनाया गया और उसे सोशल मीडिया तक किसने पहुंचाया।

परिवार के सदस्यों को थाने ले जाने का भी आरोप

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि नवीन के परिवार के कुछ सदस्यों को रात में थाने ले जाया गया। उन्होंने सवाल किया कि यदि परिवार के सदस्य मामले में वांछित नहीं थे, तो उन्हें किस कानूनी प्रक्रिया और किस अधिकार के तहत थाने लाया गया।

कांग्रेस ने इस पूरे मामले में प्रशासन से प्रक्रिया स्पष्ट करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

महिला कांग्रेस ने भी सरकार से की जांच की मांग

महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. कुमारी सोनी ने कहा कि उन्होंने जमुई की घटनाओं से जुड़े पीड़ित परिवारों से मुलाकात की है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद पीड़ित परिवारों को बुलाकर सरकार के पक्ष में बयान देने के लिए दबाव बनाए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं।

उन्होंने सरकार से महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये नेता रहे मौजूद

सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुनीत सिंह पारिया, डॉ. कुमारी सोनी, विकास झा, मिन्नत रहमानी, डॉ. संजय यादव और प्रेमचंद सिंह समेत कांग्रेस के अन्य नेता मौजूद रहे।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments