पटना, 27 सितंबर 2026 : देशभर में 28 सितंबर से प्रस्तावित पांच दिवसीय बैंक हड़ताल को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। भाकपा-माले ने बैंक कर्मचारियों के इस आंदोलन का समर्थन करते हुए उनकी मांगों को जायज बताया है। पार्टी के बिहार राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि बैंक कर्मचारियों के संघर्ष के साथ भाकपा-माले मजबूती से खड़ी है।
पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग
भाकपा-माले के बिहार राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग का समर्थन किया।
इसके अलावा उन्होंने परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना वापस लेने और पेंशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग का भी उल्लेख किया।
कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करे सरकार
कुणाल ने कहा कि बैंक कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान बातचीत और सकारात्मक पहल के जरिए किया जाना चाहिए।
बैंक यूनियनों के आंदोलन के प्रति जताई एकजुटता
भाकपा-माले नेता ने बैंक कर्मचारियों और बैंक यूनियनों के आंदोलन के प्रति एकजुटता जाहिर की। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करे और संबंधित मुद्दों के समाधान की दिशा में पहल करे।
क्या है बैंक कर्मचारियों की मांग?
भाकपा-माले की ओर से जारी बयान के अनुसार, बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, PLI योजना वापस लेना और पेंशन से जुड़ी समस्याओं का समाधान शामिल है। पार्टी ने इन मांगों के समर्थन में प्रस्तावित बैंक हड़ताल के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर की है।







