पटना: पटना नगर निगम के संपत्ति कर संवर्धन अभियान के तहत सोमवार को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। नगर निगम ने एक ही दिन में ₹1.11 करोड़ से अधिक संपत्ति कर की वसूली की। चालू वित्तीय वर्ष में यह एक दिन में अब तक का सबसे अधिक संपत्ति कर संग्रह बताया गया है। इस दौरान करीब 300 संपत्तियों का कर निर्धारण और पुनर्निर्धारण भी किया गया।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देशन और निगरानी में चल रहे इस अभियान के तहत निगम की टीमें शहर के अलग-अलग इलाकों में घर-घर जाकर संपत्तियों का सर्वेक्षण कर रही हैं। इसके साथ ही कर निर्धारण, बकाया कर की वसूली और समय पर संपत्ति कर जमा करने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
अंचलवार संपत्ति कर संग्रह
सोमवार को अजीमाबाद अंचल में 243 संपत्तियों से करीब ₹20.48 लाख, बांकीपुर अंचल में 212 संपत्तियों से ₹19.79 लाख और कंकड़बाग अंचल में 206 संपत्तियों से ₹16.16 लाख संपत्ति कर की वसूली हुई।
नूतन राजधानी अंचल में 238 संपत्तियों से ₹24.10 लाख, पाटलिपुत्र अंचल में 233 संपत्तियों से करीब ₹25.02 लाख और पटना सिटी अंचल में 108 संपत्तियों से ₹5.45 लाख संपत्ति कर प्राप्त हुआ।
करीब 300 संपत्तियों का कर निर्धारण
राजस्व संग्रह के साथ-साथ संपत्तियों को कर के दायरे में लाने की दिशा में भी कार्रवाई की गई। सोमवार को अजीमाबाद में 50, बांकीपुर में 24, कंकड़बाग में 49, नूतन राजधानी में 45, पाटलिपुत्र में 43 और पटना सिटी में 18 संपत्तियों का कर निर्धारण किया गया।
इसके अलावा 51 संपत्ति मालिकों ने स्व-कर पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की। निगम की टीमों ने 13 संपत्तियों का फील्ड वेरिफिकेशन भी किया। जांच के दौरान पूर्व में निर्धारित कर में विसंगतियां मिलने पर पेनाल्टी लगाते हुए दोबारा कर निर्धारण किया गया।
30 सितंबर तक बिना पेनाल्टी जमा करें संपत्ति कर
पटना नगर निगम ने शहरवासियों से 30 सितंबर तक बकाया संपत्ति कर जमा करने की अपील की है। बिना पेनाल्टी संपत्ति कर जमा करने की निर्धारित समय-सीमा खत्म होने में अब केवल दो दिन बाकी हैं। समय-सीमा के बाद कर भुगतान करने पर नियमानुसार हर महीने 1.5 प्रतिशत की दर से पेनाल्टी देनी होगी।
ऑनलाइन जमा कर सकते हैं संपत्ति कर
संपत्ति मालिक पटना नगर निगम के आधिकारिक पोर्टल pmcptax.bihar.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन संपत्ति कर जमा कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी निगम टैक्स काउंटर पर जाकर भी भुगतान किया जा सकता है। निगम के मुताबिक, समय पर संपत्ति कर जमा होने से अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचने के साथ शहर में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए राजस्व भी मजबूत होगा।
