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वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की प्रगति की नगर आयुक्त ने की समीक्षा

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पटना : नगर निगम द्वारा ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन और कचरे से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में संचालित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की प्रगति की समीक्षा मंगलवार को नगर आयुक्त यशपाल मीणा की अध्यक्षता में की गई। बैठक में परियोजना के विभिन्न घटकों की वर्तमान स्थिति, लीगेसी वेस्ट के निष्पादन, निर्माण कार्य की तैयारियों और निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप कार्यों को पूरा करने की रणनीति पर चर्चा की गई।

बैठक में नगर निगम के वरीय पदाधिकारी एवं अभियंता, परियोजना के क्रियान्वयन के लिए गठित एसपीवी Magadh Sustainable Resource Recovery Ecopark Pvt Ltd के प्रतिनिधि तथा लीगेसी वेस्ट के निष्पादन में जुटी नैकॉफ (NACOF), ईकोस्टान (ECOSTAN) और पाथ्या (Pathya) के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

नगर आयुक्त ने सभी संबंधित एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने, आपसी समन्वय बनाए रखने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण कार्य को गति देने के लिए लीगेसी वेस्ट का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना जरूरी है। संबंधित कंपनियों को नवंबर माह के अंत तक लीगेसी वेस्ट ट्रीटमेंट का कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया।

लीगेसी वेस्ट निष्पादन की वर्तमान स्थिति

वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना के तहत रामाचक बैरिया में अत्याधुनिक एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परिसर और बिजली उत्पादन के लिए संयंत्र विकसित किया जाना है। इसके लिए उपलब्ध भूमि को निर्माण योग्य बनाने के उद्देश्य से वर्षों से जमा लीगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन किया जा रहा है।

पटना नगर निगम ने नैकॉफ को बैरिया में 6 लाख घनमीटर लीगेसी वेस्ट के निष्पादन के साथ 22 एकड़ भूमि खाली कराने का कार्यादेश दिया था। एजेंसी द्वारा आवंटित कचरे का निष्पादन पूरा करते हुए अब तक 21 एकड़ भूमि खाली कराई जा चुकी है।

वहीं, ईकोस्टान द्वारा लगभग 14 एकड़ भूमि पर जमा 8 लाख घनमीटर कचरे का बायोरीमीडियेशन किया जा रहा है। कंपनी ने अब तक लगभग 1.5 लाख घनमीटर कचरे का निष्पादन पूरा कर लिया है।

दूसरी ओर, पाथ्या द्वारा 7 एकड़ भूमि पर जमा 5 लाख घनमीटर लीगेसी वेस्ट के निष्पादन का कार्य किया जा रहा है, जिसमें लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

नगर आयुक्त ने सभी एजेंसियों को शेष कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए संसाधनों को बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि परियोजना के अगले चरण के लिए भूमि समय पर उपलब्ध कराई जा सके।

परियोजना के अन्य कार्यों की भी समीक्षा

समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त ने परियोजना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। रामकी को विस्तृत प्रोजेक्ट प्लान एवं कार्यों के माइलस्टोन शीघ्र समर्पित करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही, संबंधित पदाधिकारियों को परियोजना स्थल का संयुक्त निरीक्षण कर वास्तविक प्रगति एवं शेष कार्यों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

परियोजना के पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों को आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृतियों (Environmental Clearances) से संबंधित प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया गया।

क्या है वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना?

पटना नगर निगम सहित पटना क्लस्टर के 13 नगर निकायों के ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण योग्य सामग्रियों की पुनर्प्राप्ति, जैविक अपशिष्ट के उपयोग तथा कचरे से ऊर्जा उत्पादन के लिए रामाचक बैरिया में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाया जाएगा।

परियोजना के तहत प्रमुख अवसंरचनाओं का निर्माण किया जाएगा:

  • 15 मेगावाट क्षमता का वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र, जहां उपयुक्त अपशिष्ट का प्रसंस्करण कर विद्युत ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा।
  • 100 टन प्रतिदिन क्षमता का बायो-मीथेनेशन प्लांट, जहां जैविक यानी गीले कचरे से बायोगैस एवं अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
  • तीन मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) सह RDF केंद्र, प्रत्येक की क्षमता 250 टन प्रतिदिन होगी। यहां पुनर्चक्रण योग्य सामग्री अलग करने के साथ ईंधन के रूप में उपयोगी रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (RDF) तैयार किया जाएगा।
  • 50 टन प्रतिदिन क्षमता की अतिरिक्त MRF, जहां पुनर्चक्रण योग्य कचरे की छंटाई कर उसे दोबारा उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा।
  • 700 टन प्रतिदिन क्षमता का कम्पोस्टिंग प्लांट, जहां गीले कचरे का वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर जैविक खाद तैयार की जाएगी।
  • 325 टन प्रतिदिन क्षमता का इंजीनियर्ड सैनिटरी लैंडफिल, जहां उपचार के बाद बचे अपशिष्ट का सुरक्षित और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारण किया जाएगा।

    परियोजना के निर्माण कार्य को निर्धारित दो वर्ष छह माह की अवधि में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण पूरा होने के बाद चयनित एजेंसी द्वारा संपूर्ण परिसर का 20 वर्षों तक संचालन एवं अनुरक्षण किया जाएगा। परियोजना पर लगभग ₹514.59 करोड़ की लागत अनुमानित है।

    13 नगर निकायों के कचरे का होगा एकीकृत प्रबंधन

    परियोजना के तहत पटना क्लस्टर के कुल 13 नगर निकायों से निकलने वाले ठोस अपशिष्ट का एकीकृत रूप से प्रबंधन किया जाएगा। इनमें पटना नगर निगम, दानापुर निजामत नगर परिषद, फतुहा नगर परिषद, खगौल नगर परिषद, फुलवारी नगर परिषद, बख्तियारपुर नगर परिषद, मसौढ़ी नगर परिषद, बिहटा नगर परिषद, संपतचक नगर परिषद, मनेर नगर परिषद, नौबतपुर नगर पंचायत, पुनपुन नगर पंचायत तथा खुसरूपुर नगर पंचायत शामिल हैं।

    परियोजना के पूर्ण होने से इन सभी नगर निकायों में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रसंस्करण एवं निस्तारण की एकीकृत व्यवस्था विकसित होगी। इससे कचरे के अधिकतम उपयोग, संसाधनों की पुनर्प्राप्ति और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।

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