डेस्क : सुलतानगंज से बाबाधाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए लंबे समय से प्रस्तावित फोरलेन सड़क परियोजना अब जमीन पर आकार लेने लगी है। कहीं जमीन की नापी शुरू हो गई है, तो कहीं निर्माण सामग्री तैयार करने के लिए प्लांट स्थापित किया जा रहा है। सुलतानगंज के असियाचक में हॉट मिक्स प्लांट पहुंच चुका है और उसका एरेक्शन भी पूरा हो गया है।
वहीं, मुंगेर जिले के तीन अंचलों में जमीन की नापी का काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही सड़क निर्माण के रास्ते में करीब 10 स्थानों पर पुलिया निर्माण शुरू होने की भी जानकारी सामने आई है।
सुलतानगंज-देवघर फोरलेन परियोजना को दो फेज में पूरा करने की योजना है। पहले फेज में सुलतानगंज से बेलहर तक करीब 40 किलोमीटर सड़क को फोरलेन में बदला जाएगा। इस हिस्से के निर्माण पर करीब 387 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
कंपनी के चयन के बाद अब जमीन और निर्माण से जुड़ी शुरुआती गतिविधियों में तेजी आई है। भागलपुर जिले में फोरलेन के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध बताई जा रही है, जबकि मुंगेर जिले के कुछ हिस्सों में जमीन की कमी को देखते हुए नापी कराई जा रही है।
असियाचक में तैयार हो रहा निर्माण का बेस
सुलतानगंज के असियाचक में हॉट मिक्स प्लांट का एरेक्शन पूरा हो चुका है। इसके अलावा आरएमसी प्लांट लगाने का काम भी चल रहा है। फिलहाल प्लांट परिसर में मिट्टी भराई का काम किया जा रहा है।
निर्माण कंपनी के अनुसार, प्लांट शुरू होने के बाद सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री यहीं तैयार की जाएगी। इसके बाद सामग्री को करीब 40 किलोमीटर लंबे निर्माण क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा। इससे निर्माण सामग्री की आपूर्ति लगातार बनाए रखने और काम की रफ्तार बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुंगेर के तीन अंचलों में जमीन की नापी
सुलतानगंज-बेलहर फोरलेन के लिए भागलपुर जिले में जमीन की स्थिति बेहतर बताई जा रही है। वहीं, मुंगेर जिले के कुछ हिस्सों में जमीन की कमी सामने आने के बाद तीन अंचलों में नापी का काम शुरू किया गया है।
कंपनी के सुपरवाइजर के अनुसार, जमीन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण गतिविधियों को और विस्तार दिया जाएगा। फोरलेन के रास्ते में करीब 10 स्थानों पर पुलिया निर्माण शुरू होने की जानकारी भी दी गई है।
दो फेज में बनेगा सुलतानगंज-देवघर फोरलेन
पूरी सुलतानगंज-देवघर फोरलेन परियोजना को दो फेज में पूरा करने की योजना है। पहले फेज में सुलतानगंज से बेलहर तक करीब 40 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। दूसरे फेज में बेलहर से दर्दमारा तक सड़क का निर्माण किया जाना है।
फिलहाल सुलतानगंज-बेलहर फेज से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। वहीं, बेलहर-दर्दमारा फेज को लेकर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया चल रही है।
निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि के अनुसार, प्लांट की स्थापना और जमीन से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद दुर्गापूजा के बाद सड़क निर्माण में और तेजी आने की उम्मीद है। वन विभाग की एनओसी को लेकर भी प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी दी गई है।
21 सितंबर को सचिव ने लिया था जायजा
परियोजना की प्रगति को लेकर 21 सितंबर को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल सुलतानगंज पहुंचे थे। उन्होंने प्रस्तावित फोरलेन का स्थलीय निरीक्षण किया था और अधिकारियों तथा अभियंताओं से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली थी।
उन्होंने लंबित प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने और निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया था। अब जमीन की नापी, पुलिया निर्माण और निर्माण प्लांट की तैयारी को परियोजना की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को मिलेगा फायदा
सुलतानगंज से देवघर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सड़क परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासकर श्रावणी मेले के दौरान सुलतानगंज से बाबाधाम जाने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से सड़क पर काफी दबाव रहता है।
फोरलेन बनने के बाद सड़क की क्षमता बढ़ने और यातायात को अधिक सुगम बनाने की उम्मीद है। इसका फायदा सिर्फ देवघर जाने वाले श्रद्धालुओं को ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों, बाजारों, कारोबारियों और माल ढुलाई से जुड़े लोगों को भी मिल सकता है।
फिलहाल जमीन की नापी, पुलिया निर्माण और असियाचक में प्लांट की तैयारी से यह संकेत मिल रहा है कि सुलतानगंज-देवघर फोरलेन परियोजना अब कागजी प्रक्रिया से आगे बढ़कर निर्माण की दिशा में पहुंच रही है। अब नजर इस बात पर है कि जमीन से जुड़ी प्रक्रियाएं कितनी तेजी से पूरी होती हैं और सड़क निर्माण का मुख्य काम कब शुरू होता है।
