Home राज्य संस्कृत शिक्षा बोर्ड में ‘महाघोटाले’ का आरोप, पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर

संस्कृत शिक्षा बोर्ड में ‘महाघोटाले’ का आरोप, पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर

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मधुबनी : बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड में कथित फर्जी नियुक्तियों और अनुमोदन पत्रों को लेकर मामला सामने आया है। इस संबंध में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज मिश्र ने रविवार को बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष और राज्य के शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने इस मामले में पटना हाईकोर्ट में दायर लोकहित याचिका का भी हवाला दिया है।

मनोज मिश्र के अनुसार, इस मामले को लेकर पटना हाईकोर्ट में याचिका संख्या 19889/2026 दायर की गई है। याचिका में संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति में कथित फर्जीवाड़े की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।

अररिया के करीब 20 संस्कृत विद्यालयों का मामला

उपलब्ध शिकायतों, समाचार रिपोर्टों और सरकारी पत्राचार का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि अररिया जिले के करीब 20 प्रस्वीकृत संस्कृत विद्यालयों में वर्ष 2021 में संविदा के आधार पर नियुक्त कर्मियों के संबंध में अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि प्रधानाध्यापकों, सहायक शिक्षकों और कार्यालय परिचारियों से कथित तौर पर बड़ी रकम लेकर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड, पटना के नाम से फर्जी अनुमोदन पत्र तैयार किए गए।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इन कथित फर्जी अनुमोदन पत्रों के आधार पर बड़ी संख्या में लोगों को वर्ष 2012 से नियमित नियुक्त दिखाया गया। साथ ही, अनुमोदन पत्रों का सत्यापन कराए बिना बकाया वेतन के नाम पर एकमुश्त सरकारी भुगतान किए जाने और सरकारी राशि की निकासी में अनियमितता का आरोप लगाया गया है।

कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल

मामले में अररिया जिले के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक दयानन्द झा के साथ जिला शिक्षा कार्यालय के संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा संबंधित संस्कृत विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, सहायक शिक्षक और कार्यालय परिचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

शिकायत में दयानन्द झा पर करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाते हुए उनकी संपत्ति की जांच की मांग की गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

बैक डेटिंग से नियुक्ति का भी आरोप

शिकायत में कालिका भवन संस्कृत विद्यालय, बरदबद्दा (पलासी) की विद्यालय प्रबंध समिति के पूर्व सचिव पशुपति नाथ झा और वर्तमान सहायक शिक्षक पंकज कुमार झा की ओर से दिए गए पत्रों का भी उल्लेख किया गया है। इनके आधार पर आरोप लगाया गया है कि कथित तौर पर बैक डेटिंग के जरिए नियुक्तियों का सिलसिला अभी भी जारी है।

पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट में दायर की लोकहित याचिका

बताया गया है कि इन आरोपों के आधार पर सुपौल के पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने अधिवक्ता प्रमोद मिश्र के माध्यम से पटना हाईकोर्ट में लोकहित याचिका दायर की है। याचिका में कथित नियुक्ति घोटाले की जांच, दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

याचिका में दयानन्द झा सहित संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, सहायक शिक्षकों, कार्यालय परिचारियों तथा शिक्षा विभाग के दोषी पदाधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग किए जाने की बात कही गई है। साथ ही दयानन्द झा की चल-अचल संपत्ति की जांच कराने का अनुरोध भी किया गया है।

मनोज मिश्र ने कहा कि अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नियुक्तियों में लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर बिहार सरकार और संबंधित विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।

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