Homeराज्यबिहार की जेलों में कैदियों को मिलेगा नया काम, अब हवाई चप्पल...

बिहार की जेलों में कैदियों को मिलेगा नया काम, अब हवाई चप्पल और LED बल्ब बनाने की तैयारी

डेस्क : बिहार की जेलों में बंद कैदियों को अब सिर्फ पारंपरिक कामों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्हें नए हुनर और रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक और पहल शुरू हुई है। गृह (कारा) विभाग ने भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा में हवाई चप्पल और LED बल्ब निर्माण तथा गयाजी केंद्रीय कारा में LED बल्ब निर्माण यूनिट लगाने को मंजूरी दी है। इन यूनिटों का ट्रायल भी शुरू हो गया है।

भागलपुर जेल में बनेंगी हवाई चप्पल

भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा में तैयार होने वाली हवाई चप्पलों को कम लागत में बनाने की योजना है। विभागीय जानकारी के मुताबिक, इन चप्पलों की अनुमानित लागत करीब 80 से 90 रुपये होगी। उत्पादन शुरू होने के बाद इन्हें जेलों के इस्तेमाल के साथ-साथ खुले बाजार में भी बेचने की तैयारी है।

इस पहल का उद्देश्य कैदियों को काम का प्रशिक्षण देना और उन्हें उत्पादन से जोड़ना है, ताकि जेल से बाहर निकलने के बाद उनके पास कोई व्यावहारिक कौशल हो।

भागलपुर और गयाजी में LED बल्ब की यूनिट

भागलपुर और गयाजी केंद्रीय कारा में LED असेंबल यूनिट भी लगाई गई है। यहां तैयार होने वाले LED बल्बों का इस्तेमाल राज्य की विभिन्न जेलों में किए जाने की योजना है। इससे जेलों की जरूरत का कुछ सामान जेलों के अंदर ही तैयार किया जा सकेगा।

पहले से जेलों में बन रहे हैं कई सामान

बिहार की जेलों में कैदियों को पहले से ही अलग-अलग उत्पादन कार्यों से जोड़ा गया है। बेउर समेत करीब 10 जेलों में उद्योग संचालित हैं, जहां कैदी ब्रेड, मसाला, साबुन, फिनाइल, सत्तू, सरसों तेल, कपड़े, फर्नीचर और हस्तशिल्प जैसी चीजें तैयार कर रहे हैं। इन उत्पादों की आपूर्ति जेलों और कुछ सरकारी विभागों में भी की जाती है।

इन उत्पादों की बिक्री ‘मुक्ति’ ब्रांड के आउटलेट के जरिए भी की जा रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में कैदियों द्वारा तैयार उत्पादों की 13 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हो चुकी है।

जेलों में रोजगार का दायरा बढ़ाने की तैयारी

कैदियों को रोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने की योजना केवल उत्पादन इकाइयों तक सीमित नहीं है। बिहार की चार केंद्रीय जेलों-मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, भागलपुर और बक्सर-में पेट्रोल पंप संचालन की भी तैयारी चल रही है। वहां बेहतर आचरण वाले और सजा पूरी होने के करीब पहुंच चुके कैदियों को काम देने की योजना बताई गई है।

क्या है पूरी योजना?

  • भागलपुर जेल: हवाई चप्पल और LED बल्ब निर्माण
  • गयाजी जेल: LED बल्ब निर्माण
  • हवाई चप्पल की अनुमानित लागत: 80-90 रुपये
  • LED बल्ब: जेलों में उपयोग की योजना
  • मौजूदा उत्पादन: ब्रेड, मसाला, साबुन, तेल, फिनाइल, फर्नीचर समेत कई उत्पाद
  • बिक्री: ‘मुक्ति’ ब्रांड के जरिए

जेल प्रशासन की इस पहल का मुख्य फोकस कैदियों को कौशल, काम और उत्पादन से जोड़कर उनके पुनर्वास की संभावनाओं को मजबूत करना है।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments