पटना : बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए डिजिटल पढ़ाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है। शिक्षा विभाग के ‘बिहार विद्या साथी’ ऐप के जरिए राज्य के 700 मॉडल विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 3 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई में मदद ले रहे हैं। इस ऐप के माध्यम से छात्रों को डाउट क्लियर करने, लाइव शिक्षक से जुड़ने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
रात में पढ़ाई के दौरान अगर किसी सवाल पर छात्र अटक जाते हैं तो अब उन्हें अगले दिन स्कूल जाने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पटना की 12वीं कक्षा की छात्रा आमृत्यम मेहता के मुताबिक, पहले रात में सवाल आने पर अगले दिन तक इंतजार करना पड़ता था। अब वह ‘बिहार विद्या साथी’ ऐप के जरिए 24 घंटे में कभी भी अपने डाउट क्लियर कर सकती हैं।
फिलहाल 700 मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले 3 लाख से अधिक विद्यार्थी इस ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे सरकारी स्कूलों के छात्रों तक डिजिटल लर्निंग सपोर्ट पहुंचाने की बड़ी पहल माना जा रहा है।
‘बिहार विद्या साथी’ को 24×7 इंटरैक्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। इसके लिए 75 हजार शिक्षकों का नेटवर्क तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है। कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों को सभी विषयों में, जबकि 11वीं और 12वीं के विज्ञान वर्ग के छात्रों को लाइव ट्यूटर सपोर्ट उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा JEE और NEET की तैयारी के लिए AI आधारित डिजिटल स्टडी और प्रैक्टिस सामग्री भी मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है। इससे सरकारी स्कूलों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अतिरिक्त संसाधन मिल रहे हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि छात्रों को उनकी जरूरत के मुताबिक कभी भी शिक्षक और पढ़ाई से जुड़ी मदद मिल सके। शिक्षा विभाग की ओर से जिलों को डिजिटल व्यवस्था और मॉडल स्कूलों से जुड़े कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
