मुजफ्फरपुर : प्रशांत किशोर (PK) ने शिक्षकों के 7वें वेतनमान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कोई एक व्यक्ति, विधायक या विधान परिषद का सदस्य शिक्षकों को 7वां वेतनमान नहीं दिला सकता। इसके लिए शिक्षकों की एकजुटता और बड़े स्तर पर आंदोलन की जरूरत है। PK ने दावा किया कि अगर बिहार के 2 लाख शिक्षक एक साथ इस मुद्दे पर खड़े हो जाएं तो सरकार और सभी राजनीतिक दलों को समाधान निकालने के लिए मजबूर किया जा सकता है।
PK ने कहा कि शिक्षकों का आंदोलन पिछले 25 वर्षों से चल रहा है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने शिक्षकों के मुद्दे पर बात की और हेल्पलाइन नंबर जारी किया, तो करीब 18 हजार शिक्षकों ने मिस्ड कॉल के जरिए अभियान के प्रति अपनी सहमति जताई।
उन्होंने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी एक नेता या राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि शिक्षकों के अधिकार की लड़ाई है। PK के मुताबिक, जिस दिन 2 लाख शिक्षक एकजुट होकर इस अभियान से जुड़ जाएंगे, उस दिन आंदोलन को निर्णायक मोड़ दिया जा सकता है।
PK ने कहा कि जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री का घेराव, धरना-प्रदर्शन या आमरण अनशन जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। उनका कहना है कि शिक्षकों की एकता के दम पर 7वें वेतनमान को केंद्रीय मुद्दा बनाया जाएगा और हर राजनीतिक पार्टी को इस पर अपना रुख स्पष्ट करने तथा समाधान निकालने के लिए मजबूर किया जाएगा।
PK के इस बयान के बाद बिहार में शिक्षकों के 7वें वेतनमान का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। अब देखना होगा कि शिक्षक इस अभियान से कितनी संख्या में जुड़ते हैं और सरकार इस मांग पर क्या कदम उठाती है।
