पटना: बिहार में कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 13 अक्टूबर को पटना में बड़े प्रदर्शन की घोषणा की गई है। CPI(ML) विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि दिल्ली के बाद अब पटना की सड़कों पर युवा उतरेंगे। वामपंथी छात्र संगठनों की ओर से प्रस्तावित यह प्रदर्शन गांधी मैदान से निकाला जाएगा।
संदीप सौरभ ने कहा कि देश के सभी युवा दिल्ली नहीं पहुंच सकते हैं, इसलिए पटना में आंदोलन का आह्वान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार ने जिस तरह केंद्रीय एजेंसियों और सीआरपीएफ को तैनात किया, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके मुताबिक, युवा वोट चोरी के मुद्दे पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है।
विधायक ने कहा कि 13 अक्टूबर को पटना में वोट चोरी के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने युवाओं से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
जीतन राम मांझी के बयान पर भी साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की ओर से आंदोलनकारी युवाओं के लिए कथित तौर पर ‘झींगुर’ और ‘तेलचट्टा’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी संदीप सौरभ ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।
संदीप सौरभ ने मांझी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी वफादारी दिखाने के दबाव में वह इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि देश के युवाओं को संबोधित करने के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है।
विधान परिषद चुनाव पर क्या बोले संदीप सौरभ?
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर संदीप सौरभ ने कहा कि महागठबंधन और एनडीए में अलग-अलग उम्मीदवार चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अपनी सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी। जहां महागठबंधन का उम्मीदवार मजबूत होगा, वहां उनकी पार्टी उस उम्मीदवार का समर्थन करेगी।
फिलहाल, 13 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस आंदोलन के जरिए वामपंथी छात्र संगठन वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं।
