गया : बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की प्रतिमा स्थापित करने और उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। डॉ. श्रीकृष्ण सिंह बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री थे। बिहार के विकास में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने की मांग उठाई जा रही है।
डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को भारत रत्न देने की मांग
डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को बिहार के आधुनिक विकास की नींव रखने वाले प्रमुख नेताओं में गिना जाता है। उनके समर्थकों का मानना है कि उद्योग, कृषि, शिक्षा, सिंचाई और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।
इस मांग को लेकर पहले भी हस्ताक्षर अभियान चलाए जा चुके हैं। जनवरी 2025 में बेगूसराय में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को भारत रत्न देने की मांग के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया था।
प्रतिमा स्थापना से नई पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा
डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग का उद्देश्य उनके ऐतिहासिक योगदान को लोगों तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को उनके जीवन तथा विचारों से परिचित कराना है। समर्थकों के अनुसार, उनकी प्रतिमा बिहार के इतिहास और विकास यात्रा की पहचान बन सकती है।
बिहार के विकास में रहा अहम योगदान
डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को लोकप्रिय रूप से ‘बिहार केसरी’ कहा जाता है। बिहार के पहले मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल राज्य के राजनीतिक और विकासात्मक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उनके योगदान को याद करते हुए समर्थक प्रतिमा स्थापना और भारत रत्न की मांग को आगे बढ़ा रहे हैं।







