डेस्क : शारदीय नवरात्र का पावन पर्व शुरू हो चुका है। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 यानी आज नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाएगी। देशभर के साथ बिहार में भी श्रद्धालु माता रानी की भक्ति में लीन रहेंगे। मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-पाठ, मंत्र जाप और आरती के माध्यम से मां दुर्गा की आराधना की जाएगी।
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विशेष महत्व
नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग, संयम और दृढ़ संकल्प की प्रतीक हैं। उनकी आराधना से भक्तों को धैर्य, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है। श्रद्धालु माता से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
मां ब्रह्मचारिणी को सफेद वस्त्र और फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। भक्त पूजा के दौरान फल, मिठाई और अन्य पारंपरिक प्रसाद चढ़ाते हैं। इसके बाद मां की आरती और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है।
बिहार में नवरात्र को लेकर भक्तों में उत्साह
बिहार के विभिन्न जिलों में नवरात्र को लेकर धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है। पटना समेत कई शहरों में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर माता रानी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। घरों में कलश स्थापना के बाद नियमित रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ, भजन-कीर्तन और आरती की जा रही है।
नवरात्र के अवसर पर पूजा समितियां भी दुर्गा पूजा की तैयारियों में जुटी हैं। आने वाले दिनों में पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना और विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पंचांग और स्थानीय परंपराओं के अनुसार पूजा की तिथियों में अंतर हो सकता है। इसलिए व्रत, कन्या पूजन और पारण के लिए स्थानीय पंचांग का पालन करना उचित है।
नवरात्र का यह पावन अवसर भक्तों को भक्ति, अनुशासन और सकारात्मकता का संदेश देता है। श्रद्धालु मां दुर्गा से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और सभी के कल्याण की प्रार्थना कर रहे हैं।
