मुजफ्फरपुर: ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन योजना के क्रियान्वयन में कथित लापरवाही के मामले में कटरा के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अमरेंद्र पंडित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ग्रामीण विकास विभाग ने इस कार्रवाई को औपचारिक मंजूरी दे दी है। अमरेंद्र पंडित फिलहाल सुपौल जिले में कार्यरत हैं। विभाग ने मामले की विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है। साथ ही संबंधित अधिकारी को साक्ष्यों के साथ अपना लिखित बचाव बयान प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
ग्रामीण विकास विभाग ने शुरू की विभागीय जांच
ग्रामीण विकास विभाग ने मामले की जांच के लिए अपनी विशेष कार्य पदाधिकारी रेणु कुमारी को संचालन पदाधिकारी नामित किया है। वहीं, मुजफ्फरपुर के जिला परियोजना पदाधिकारी सह निदेशक, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया है।
विभाग की ओर से तत्कालीन बीडीओ को निर्देश दिया गया है कि वे आरोपों के संबंध में अपना लिखित बचाव बयान साक्ष्यों के साथ जल्द प्रस्तुत करें। इसके बाद निर्धारित विभागीय प्रक्रिया के तहत मामले की जांच की जाएगी।
यह कार्रवाई कटरा में बीडीओ के पद पर उनके कार्यकाल के दौरान ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं और लापरवाही को लेकर की जा रही है।
तीन सदस्यीय स्थानीय क्रय समिति नहीं बनाने का आरोप
अमरेंद्र पंडित पर कटरा में पदस्थापन के दौरान ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन योजना की निगरानी, निरीक्षण और पर्यवेक्षण में कोताही बरतने का आरोप है। इसके अलावा पंचायत स्तर पर तीन सदस्यीय स्थानीय क्रय समिति का गठन नहीं करने की बात भी आरोपों में शामिल है।
इस मामले में मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी की ओर से आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया था। इसके बाद तत्कालीन बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया। संबंधित अधिकारी ने विभाग को अपना जवाब सौंपा था।
स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुआ विभाग
बीडीओ का स्पष्टीकरण मिलने के बाद ग्रामीण विकास विभाग ने जिलाधिकारी से इस संबंध में मंतव्य मांगा था। जिलाधिकारी की ओर से दिए गए मंतव्य में कहा गया कि तीन सदस्यीय स्थानीय क्रय समिति के गठन के मुद्दे पर तत्कालीन बीडीओ ने अपने स्पष्टीकरण में कोई जवाब नहीं दिया था।
विभाग ने बीडीओ के स्पष्टीकरण और जिलाधिकारी के मंतव्य का विस्तृत अवलोकन किया। इसके बाद मामले को गंभीर मानते हुए विभागीय जांच शुरू करने का निर्णय लिया गया।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
विभागीय कार्रवाई शुरू होने के बाद अब संबंधित अधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। जांच के दौरान आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और अधिकारी के बचाव बयान का परीक्षण किया जाएगा। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल अमरेंद्र पंडित के खिलाफ लगाए गए आरोपों की विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू हुई है। जांच पूरी होने और अंतिम निर्णय आने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







