पटना/मुजफ्फरपुर : बिहार से नेपाल सीमा तक सड़क संपर्क बेहतर बनाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। केंद्र सरकार ने मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा राष्ट्रीय राजमार्ग-22 (NH-22) को फोरलेन में विकसित करने की मंजूरी दे दी है। करीब 82.578 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 3,590.73 करोड़ रुपये की पूंजीगत लागत आएगी। सड़क के चौड़ीकरण से उत्तर बिहार में आवागमन सुगम होने के साथ यातायात जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।
यह सड़क मुजफ्फरपुर को सीतामढ़ी होते हुए नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा से जोड़ेगी। साथ ही, मुजफ्फरपुर में NH-27 के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से बेहतर संपर्क मिलने से यात्रियों और मालवाहक वाहनों को लाभ होगा।
किन इलाकों को मिलेगा फायदा?
NH-22 के इस हिस्से को फोरलेन बनाने से मुजफ्फरपुर, मुकसुदपुर, रून्नीसैदपुर, थुम्मा, डुमरा, भुतही और सोनबरसा जैसे इलाकों में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। फिलहाल सड़क पर वाहनों की आवाजाही और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरने के कारण कई जगहों पर जाम की समस्या होती है।
परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को अधिक सुगम और सुरक्षित सड़क मिलेगी। इसके अलावा, नेपाल सीमा की ओर जाने वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए भी आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
₹3,590 करोड़ की लागत से तैयार होगा हाईवे
केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 19 अगस्त 2026 को इस परियोजना को मंजूरी दी। इसका निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत किया जाएगा।
परियोजना में सात बड़े पुल, तीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और दो फ्लाईओवर बनाने का प्रावधान है। इनमें बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा प्रमुख पुल भी शामिल है। इन संरचनाओं से सड़क पर यातायात का सुचारु प्रवाह बनाए रखने और सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
व्यापार और रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा
मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा कॉरिडोर उत्तर बिहार के लिए आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। बेहतर सड़क संपर्क से कृषि उत्पादों, मालवाहक वाहनों और स्थानीय कारोबार की आवाजाही को गति मिल सकती है।
इसके साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों, रेलवे स्टेशनों और धार्मिक स्थलों तक पहुंच बेहतर होने की संभावना है। सीतामढ़ी स्थित पुनौरा धाम और मुजफ्फरपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक यात्रा करने वाले लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकता है।
नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी होगी मजबूत
सोनबरसा भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित है। ऐसे में इस हाईवे का विकास सीमा पार व्यापार और यात्रियों की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। NH-27 से जुड़ाव मजबूत होने के कारण उत्तर बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से नेपाल सीमा तक पहुंचने में सुविधा हो सकती है।
कुल मिलाकर, मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा फोरलेन परियोजना से उत्तर बिहार में सड़क नेटवर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यात्रा समय में वास्तविक कमी और लोगों को मिलने वाला पूरा लाभ निर्माण कार्य पूरा होने तथा सड़क के परिचालन में आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
