डेस्क : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 27 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, कथित चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए ये याचिकाएं दाखिल की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाओं को एक साथ जोड़कर सुनवाई करने का फैसला किया है।
इन याचिकाओं में कुल 11 याचिकाकर्ता शामिल हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अलावा चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को भी प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, संजय राउत, एमए बेबी, डी. राजा, महुआ माझी, सुप्रिया सुले, ईटी मोहम्मद बशीर, सौगत राय, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव के नाम शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म-6 को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। कोर्ट के मुताबिक, फॉर्म-6 के संबंध में कोई फैसला नहीं दिया गया है। बिहार में फॉर्म-6 से संबंधित कोई मुद्दा नहीं था और न ही इस संबंध में किसी तरह की मंजूरी दी गई है।
इधर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, जिसे डायरी नंबर आवंटित किया जा चुका है। इससे पहले राहुल गांधी की कानूनी टीम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री पहुंची थी। राहुल गांधी चुनाव आयोग में कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों और नई दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में व्यक्तिगत रूप से रिट याचिका दाखिल करने के लिए समय बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
इससे पहले इंडिया गठबंधन के नेताओं से मुलाकात के संदर्भ में मुख्य न्यायाधीश ने राहुल गांधी से कहा था कि बैठक करने के बजाय उन्हें अपनी याचिका दाखिल करनी चाहिए। इस दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत का भी उल्लेख किया था। साथ ही, उन्होंने मामले की जल्द सुनवाई का भरोसा दिलाया था।
अब सभी की निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। इस दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, कथित चुनावी अनियमितताओं और SIR प्रक्रिया को लेकर याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाए गए सवालों पर सुनवाई होगी। हालांकि, याचिकाएं दाखिल होने का मतलब यह नहीं है कि अदालत ने आरोपों को सही ठहरा दिया है।







