पटना : जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) मोतिहारी में आयोजित शिक्षक संवाद कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के वेतनमान और लंबे समय से लंबित वित्तरहित शिक्षकों के मामलों को लेकर बड़ा बयान दिया। PK ने कहा कि अगर लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों को 7वां वेतनमान नहीं दिला पाए, तो वह शिक्षकों से वोट मांगने नहीं आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 30 वर्षों से लंबित वित्तरहित शिक्षकों के मामलों का समाधान निकालने की दिशा में काम करेंगे।
शिक्षक संवाद के दौरान प्रशांत किशोर ने शिक्षकों की समस्याओं को उठाते हुए उनके वेतनमान से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांगों का समाधान होना चाहिए और लंबे समय से लंबित मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने 7वें वेतनमान को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए लोकसभा चुनाव से पहले इसे लागू कराने का वादा किया।
राहुल गांधी के CJI से नहीं मिलने पर PK का बयान
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मुलाकात नहीं होने के मुद्दे पर भी प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कौन किससे मिल पा रहा है या नहीं, यह महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग मौजूदा व्यवस्था से सहमत नहीं है और अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए आंदोलन कर रहा है।
PK ने कहा कि राहुल गांधी भी चाहें, तब भी लोगों का आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने दावा किया कि लोग अपनी समस्याओं को लेकर नाराज हैं और सड़क पर लाठी-डंडे खाने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन चुप बैठने को तैयार नहीं हैं।
प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद शिक्षकों की मांगों और दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर उनकी प्रतिक्रिया चर्चा में है। एक ओर उन्होंने शिक्षकों के वेतनमान और वित्तरहित शिक्षकों के लंबित मामलों को लेकर वादा किया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने आंदोलन को लोगों की नाराजगी से जोड़ते हुए कहा कि इसे केवल नेताओं की मौजूदगी या अनुपस्थिति से नहीं रोका जा सकता।
