पटना/वैशाली : बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में नाव हादसे के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पीड़ित परिवारों से मिलने बिहार पहुंचे। उन्होंने बताया कि हादसे की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दी गई है। प्रधानमंत्री ने इस घटना पर दुख जताते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। चिराग पासवान ने कहा कि वह केंद्रीय कैबिनेट की बैठक छोड़कर पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे हैं।
चिराग पासवान ने कहा कि इस दुख की घड़ी में वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने की दिशा में काम किया जाएगा।
केंद्र और बिहार सरकार ने मुआवजे की घोषणा की
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हादसे से प्रभावित परिवारों के लिए केंद्र और बिहार सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा की गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अपील की कि पीड़ित परिवारों तक जल्द से जल्द सहायता और जरूरी सुविधाएं पहुंचाई जाएं, ताकि इस कठिन समय में उन्हें दूसरी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।
चिराग पासवान ने कहा कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझना और उन्हें हरसंभव मदद उपलब्ध कराना है।
नाव की मांग के बावजूद क्यों नहीं मिली सुविधा? दोषियों पर कार्रवाई की बात
हादसे को लेकर चिराग पासवान ने एक अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में यह बात आई है कि ग्रामीणों की ओर से नाव की मांग की गई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि मांग किए जाने के बावजूद नाव उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि घटना से जुड़े तथ्यों और ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्ष को दी सलाह
देशभर में चुनाव आयोग के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को लेकर भी चिराग पासवान ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। यदि विपक्ष को आयोग के कामकाज या किसी विषय को लेकर शिकायत है, तो उसे संबंधित मंच पर अपनी बात रखनी चाहिए।
चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष को अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग के पास जाकर सवाल पूछने चाहिए और जवाब मांगने चाहिए। उन्होंने सड़कों पर प्रदर्शन और हंगामा करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह विरोध करना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष अपनी शिकायतें रखने और उपलब्ध प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करने का प्रयास करना चाहिए।
पीड़ित परिवारों की सहायता और जवाबदेही पर जोर
राघोपुर नाव हादसे के बाद चिराग पासवान के बयान में पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने, ग्रामीणों की मांगों की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में परिवारों को हरसंभव सहायता मिलनी चाहिए।
अब इस मामले में प्रशासनिक जांच, मुआवजे के वितरण और ग्रामीणों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।
