पटना/पूर्णिया : बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली महत्वाकांक्षी पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से राजधानी पटना और सीमांचल क्षेत्र के बीच आवागमन पहले से अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। परियोजना के तहत पूर्णिया जिले के छह प्रखंडों के 37 राजस्व मौजों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, पूर्णिया में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी निर्देश दिए गए हैं।
31,987 करोड़ रुपये की परियोजना पर नजर
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को बिहार के प्रमुख सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। खबरों में इस परियोजना की लागत 31,987 करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि, इस राशि को पूरी परियोजना की नवीनतम आधिकारिक स्वीकृत लागत के रूप में प्रकाशित करने से पहले संबंधित विभाग से पुष्टि करना जरूरी है।
यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे आधुनिक सड़क नेटवर्क के विकास के साथ बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
पूर्णिया के 37 राजस्व मौजों में जमीन अधिग्रहण
एक्सप्रेसवे के लिए पूर्णिया जिले के डगरूआ, कसबा, पूर्णिया पूर्व, केनगर, धमदाहा और बड़हरा कोठी प्रखंडों के कुल 37 राजस्व मौजों की जमीन अधिग्रहित की जानी है। भूमि अधिग्रहण के साथ संबंधित जमीनों के सत्यापन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी काम किया जा रहा है।
जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने भूमि अर्जन की प्रक्रिया में तेजी लाने और संबंधित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इससे परियोजना के अगले चरणों की तैयारी को गति मिलने की उम्मीद है।
पटना से पूर्णिया का सफर हो सकता है आसान
वर्तमान में सड़क मार्ग से पटना से पूर्णिया पहुंचने में सामान्य परिस्थितियों में लगभग 6 से 7 घंटे लग सकते हैं। एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह यात्रा करीब 3 घंटे में पूरी होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय सड़क के अंतिम स्वरूप, प्रवेश और निकास बिंदुओं तथा यातायात की स्थिति पर निर्भर करेगा।
सात जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद
इस परियोजना से बिहार के सात जिलों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे के जरिए राजधानी पटना और कोसी-सीमांचल क्षेत्र के बीच आवागमन सुगम हो सकता है। इससे यात्रियों के साथ-साथ व्यापारियों, परिवहन कारोबारियों और स्थानीय उद्योगों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
रोजगार और कारोबार को मिल सकती है नई गति
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने, माल परिवहन को आसान बनाने और नए व्यावसायिक अवसर विकसित करने में मदद मिल सकती है। एक्सप्रेसवे के आसपास परिवहन, होटल, ढाबे, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।







