मुजफ्फरपुर : दुर्गा पूजा के अवसर पर मुजफ्फरपुर की अदालतों में 16 से 25 अक्टूबर तक अवकाश रहेगा। हालांकि, छुट्टियों के दौरान भी न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं होगी। इस अवधि में जमानत याचिकाओं और अन्य आवश्यक आपराधिक मामलों की सुनवाई जारी रहेगी। इसके लिए न्यायिक अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित करते हुए रोस्टर जारी किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पटना हाईकोर्ट के निर्देशों के आलोक में यह व्यवस्था की है। इसका उद्देश्य छुट्टियों के दौरान जरूरी मामलों की सुनवाई सुनिश्चित करना और न्यायिक कार्यों में अनावश्यक देरी को रोकना है।
जमानत और जरूरी आपराधिक मामलों पर रहेगा फोकस
दुर्गा पूजा की छुट्टियों के दौरान अदालतों में सामान्य कामकाज प्रभावित रहेगा, लेकिन जरूरी फौजदारी मामलों के निपटारे के लिए न्यायिक अधिकारी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान जमानत से जुड़े मामलों सहित अन्य आवश्यक आपराधिक मामलों की सुनवाई की जाएगी।
इस व्यवस्था से उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके मामलों में तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप या सुनवाई की आवश्यकता है।
न्यायिक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
जारी रोस्टर के तहत पूर्वी और पश्चिमी न्यायिक क्षेत्रों में तैनात न्यायिक मजिस्ट्रेट और सत्र न्यायाधीश निर्धारित अवधि में न्यायिक कार्यों का संचालन करेंगे। अवकाश के दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को अपने नियमित न्यायालयों के साथ-साथ रिक्त अदालतों का प्रभार भी संभालना होगा।
इससे छुट्टियों के दौरान आवश्यक न्यायिक कामकाज को व्यवस्थित तरीके से जारी रखने में मदद मिलेगी।
संबंधित अधिकारियों को भेजी गई सूचना
अवकाश अवधि में न्यायिक कार्यों के संचालन और ड्यूटी व्यवस्था से संबंधित रोस्टर की प्रतियां जिला प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं। इनमें जिलाधिकारी (डीएम), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), जेल अधीक्षक और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सहित संबंधित विभाग शामिल हैं।
छुट्टियों में भी जारी रहेगी जरूरी न्यायिक प्रक्रिया
दुर्गा पूजा के दौरान अदालतों में नियमित कामकाज भले ही स्थगित रहे, लेकिन आवश्यक आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। निर्धारित रोस्टर के अनुसार न्यायिक अधिकारियों की तैनाती से जरूरी मामलों के निपटारे की प्रक्रिया जारी रहेगी।







