मुंगेर : बिहार में उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुंगेर विश्वविद्यालय ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। विश्वविद्यालय के अधीन संचालित 16 राजकीय डिग्री कॉलेजों में प्रभारी प्राचार्यों की जिम्मेदारी बदल दी गई है। अब इन कॉलेजों का संचालन संबंधित नजदीकी अंगीभूत कॉलेजों के प्राचार्य करेंगे। इस संबंध में जारी अधिसूचना के बाद पहले से प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रतिनियुक्त शिक्षकों को उनके मूल कॉलेज में वापस योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
यह बदलाव लोक भवन, पटना के निर्देश पर किया गया है। विश्वविद्यालय के इस फैसले का उद्देश्य राजकीय डिग्री कॉलेजों के प्रशासनिक कार्यों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है।
16 राजकीय डिग्री कॉलेजों की जिम्मेदारी नए प्राचार्यों को
विश्वविद्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राजकीय डिग्री कॉलेजों में प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी संबंधित अंगीभूत कॉलेजों के प्राचार्यों को सौंपी गई है। इसके साथ ही पहले से इन कॉलेजों में प्रतिनियुक्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी गई है।
अब संबंधित अंगीभूत कॉलेजों के प्राचार्य अपने मूल कॉलेज की जिम्मेदारियों के साथ आवंटित राजकीय डिग्री कॉलेजों के प्रशासनिक कार्यों की निगरानी भी करेंगे।
बैंक खातों के संचालन की भी मिली जिम्मेदारी
नए प्रभारी प्राचार्यों को कॉलेजों के प्रशासनिक कार्यों के साथ वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। अधिसूचना के मुताबिक, वे संबंधित कॉलेज के बर्सर के साथ मिलकर बैंक खातों का संचालन सुनिश्चित करेंगे।
इसके अलावा प्रत्येक प्रभारी प्राचार्य को अपने जिम्मे आए राजकीय डिग्री कॉलेज में एक शिक्षक को प्रतिनिधि के रूप में नामित करना होगा। नामित शिक्षक की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी, ताकि कॉलेज के रोजमर्रा के कामकाज में किसी प्रकार की बाधा न आए।
किस कॉलेज को कितने राजकीय डिग्री कॉलेजों का प्रभार मिला?
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, प्रभार का वितरण इस प्रकार किया गया है:
- कोशी कॉलेज, खगड़िया: राजकीय डिग्री कॉलेज, मानसी और बेलदौर।
- आरएस कॉलेज, तारापुर: राजकीय डिग्री कॉलेज, असरगंज।
- आरडी कॉलेज, शेखपुरा: राजकीय डिग्री कॉलेज, पिपरिया, रामगढ़ चौक, चानन और अरियारी।
- एसकेआर कॉलेज, बड़हिया: राजकीय डिग्री कॉलेज, हलसी, घाटकुसुम्बा और चेवाड़ा।
- आरडी एंड डीजे कॉलेज, मुंगेर: राजकीय डिग्री कॉलेज, धरहरा।
- केकेएम कॉलेज, जमुई: राजकीय डिग्री कॉलेज, सोनो, लक्ष्मीपुर और इस्लामनगर।
- एचएस कॉलेज, हवेली खड़गपुर: राजकीय डिग्री कॉलेज, बरसंडा और टेटियाबंबर।
प्रतिनियुक्त शिक्षकों को मूल कॉलेज लौटने का निर्देश
राजकीय डिग्री कॉलेजों में पहले से प्रभारी प्राचार्य के रूप में कार्य कर रहे शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी गई है। विश्वविद्यालय ने उन्हें अपने मूल कॉलेज में वापस जाकर योगदान देने का निर्देश दिया है।
इस फैसले के बाद कॉलेजों की प्रशासनिक व्यवस्था नए सिरे से संचालित होगी। नवनियुक्त प्रभारी प्राचार्यों को नियमित कामकाज, वित्तीय संचालन और शिक्षकों के बीच जिम्मेदारियों के समन्वय पर ध्यान देना होगा।
कॉलेजों के कामकाज पर क्या पड़ेगा असर?
प्रभारी प्राचार्यों में बदलाव के बाद कॉलेजों के प्रशासनिक संचालन में अधिक समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है। बैंक खातों के संचालन से लेकर दैनिक प्रशासनिक कार्यों तक की जिम्मेदारी निर्धारित होने से व्यवस्था को सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इस बदलाव का वास्तविक असर कॉलेजों के नियमित संचालन और प्रशासनिक कार्यों पर किस हद तक पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
