गया जी : मगध विश्वविद्यालय, बोधगया में 26 से 28 नवंबर 2026 तक 69वें अखिल भारतीय अंग्रेजी शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। एसोसिएशन फॉर इंग्लिश स्टडीज ऑफ इंडिया (AESI) के तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह राष्ट्रीय सम्मेलन विश्वविद्यालय के अंग्रेजी स्नातकोत्तर विभाग एवं अनुसंधान केंद्र में होगा। इसमें देशभर के अंग्रेजी भाषा एवं साहित्य के शिक्षकों, शोधार्थियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों के शामिल होने की उम्मीद है।
तीन दिवसीय इस सम्मेलन का उद्देश्य अंग्रेजी अध्ययन के क्षेत्र में अकादमिक संवाद को बढ़ावा देना तथा साहित्य, भाषा और समाज के बीच बदलते संबंधों पर गंभीर विचार-विमर्श करना है। सम्मेलन के दौरान विभिन्न विषयों पर शोधपरक चर्चाएं होंगी और प्रतिभागियों को अपने विचार साझा करने का अवसर मिलेगा।
साहित्य, भाषा और समाज में बदलाव पर होगा मंथन
सम्मेलन का मुख्य विषय ‘परिवर्तन के आख्यान: साहित्य, भाषा और समाज का अन्वेषण’ (Narratives of Change: Exploring Literature, Language and Society) रखा गया है। इस विषय के माध्यम से साहित्य, भाषा और संस्कृति की सामाजिक परिवर्तन में भूमिका पर चर्चा की जाएगी।
इसके साथ ही पहचान, स्मृति, वैश्वीकरण, प्रौद्योगिकी और समकालीन मानवीय अनुभवों से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। बदलते सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश में साहित्य किस प्रकार लोगों के अनुभवों, विचारों और सामाजिक संबंधों को अभिव्यक्त करता है, इस पर भी अकादमिक दृष्टिकोण से चर्चा की जाएगी।
शिक्षक, शोधार्थी और साहित्यकार होंगे शामिल
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में अंग्रेजी भाषा एवं साहित्य के प्राध्यापकों, शोधार्थियों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों और विद्यार्थियों के भाग लेने की संभावना है। आयोजन के दौरान साहित्यिक अध्ययन, भाषाई अनुसंधान, साहित्यिक आलोचना और समकालीन समाज में आख्यानों की भूमिका जैसे विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
सम्मेलन प्रतिभागियों को अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने, नए विचारों से परिचित होने और देश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित करने का अवसर भी प्रदान करेगा।
मगध विश्वविद्यालय का अंग्रेजी विभाग कर रहा आयोजन
69वें अखिल भारतीय अंग्रेजी शिक्षक सम्मेलन का आयोजन मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के अंग्रेजी स्नातकोत्तर विभाग एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा किया जा रहा है। प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार सम्मेलन के आयोजन सचिव हैं।
विश्वविद्यालय में इस सम्मेलन के आयोजन को अंग्रेजी भाषा और साहित्य के अध्ययन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे शिक्षकों और शोधार्थियों को अपने अकादमिक अनुभव साझा करने तथा शोध के नए आयामों पर चर्चा करने का मंच मिलेगा।
सम्मेलन में भाग लेने के लिए AESI की सदस्यता अनिवार्य
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में भाग लेने के लिए एसोसिएशन फॉर इंग्लिश स्टडीज ऑफ इंडिया (AESI) की सदस्यता अनिवार्य होगी। संस्था के वार्षिक, अल्पकालिक या आजीवन सदस्य सम्मेलन में सहभागिता कर सकेंगे।
इच्छुक प्रतिभागियों को पंजीकरण और सहभागिता से संबंधित नियमों की जानकारी आयोजकों से प्राप्त करनी होगी।
वैश्विक बदलावों के बीच साहित्य की प्रासंगिकता पर चर्चा
आज के दौर में वैश्वीकरण, डिजिटल तकनीक और सामाजिक बदलावों का प्रभाव भाषा एवं साहित्य पर भी पड़ रहा है। ऐसे समय में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन साहित्य की बदलती भूमिका और समाज के साथ उसके संबंधों को समझने का अवसर प्रदान करेगा।
आयोजकों का मानना है कि इस तरह के अकादमिक आयोजन से शोध की नई संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा और अंग्रेजी अध्ययन के क्षेत्र में संवाद मजबूत होगा। 26 से 28 नवंबर तक चलने वाला यह सम्मेलन शिक्षकों, शोधार्थियों और साहित्य से जुड़े लोगों के लिए विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
