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जन सुराज की पर्ची में ₹500 के नोटों का बंडल वायरल, प्रशांत किशोर ने BJP को दिया जवाब

पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच जन सुराज पार्टी की प्रचार सामग्री के साथ 500-500 रुपये के नोटों के बंडल की कथित तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मामले में चुनाव आयोग से जांच की मांग की है। वहीं, जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर पलटवार किया है।

क्या है पूरा मामला?

बिहार विधान परिषद की शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इसी चुनावी माहौल के बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर सामने आई, जिसमें 500 रुपये के नोटों के बंडल के साथ जन सुराज पार्टी की प्रचार सामग्री दिखाई दे रही है। प्रचार सामग्री पर प्रशांत किशोर और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी समर्थित प्रत्याशी श्याम नंदन यादव की तस्वीर होने का दावा किया जा रहा है।

इस तस्वीर को लेकर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने आरोप लगाया कि चुनाव में नकदी के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

हालांकि, वायरल तस्वीर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए केवल तस्वीर के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि जन सुराज पार्टी ने वास्तव में मतदाताओं के बीच पैसे बांटे हैं।

प्रशांत किशोर ने क्या कहा?

नालंदा में चुनाव प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर ने नोटों की तस्वीर को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है तथा देश के बड़े उद्योगपति उसके साथ हैं, तो फिर जन सुराज पर पैसे बांटने का आरोप क्यों लगाया जा रहा है?

प्रशांत किशोर ने कहा, “सरकार तुम्हारी, दिल्ली में शासन तुम्हारा, सारे उद्योगपति तुम्हारे और पैसा जन सुराज बांट रहा है?” उन्होंने वायरल तस्वीर की सच्चाई की जांच करने की बात भी कही।

जन सुराज ने आरोपों को बताया फर्जी

जन सुराज की ओर से भी इन आरोपों को खारिज किया गया है। पार्टी के प्रवक्ता कुमार सौरभ ने इसे पार्टी को बदनाम करने की कोशिश बताया। उनके मुताबिक, भाजपा और एनडीए चुनाव में शिक्षा, रोजगार तथा शिक्षकों के वेतनमान जैसे मुद्दों पर जवाब देने के बजाय ऐसे आरोप लगा रहे हैं।

23 अक्टूबर को होगा मतदान

बिहार विधान परिषद की आठ शिक्षक एवं स्नातक सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। जन सुराज सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ रही है। ऐसे में मतदान से पहले सामने आई यह तस्वीर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया मुद्दा बन गई है।

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