पटना : बिहार की राजधानी पटना स्थित जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमानों से पक्षियों के टकराने की घटनाओं को रोकने के लिए नए उपाय किए जा रहे हैं। एयरपोर्ट प्रशासन पक्षियों को रनवे और विमानों के आसपास आने से रोकने के लिए रिफ्लेक्टिव रिबन लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही वन विभाग पक्षियों की गतिविधियों और उन्हें आकर्षित करने वाले स्थानों का सर्वे भी कर रहा है।
रिफ्लेक्टिव रिबन से दूर भगाए जाएंगे पक्षी
एयरपोर्ट पर लगाए जाने वाले रिफ्लेक्टिव रिबन की चमक और उनसे पड़ने वाला प्रतिबिंब पक्षियों को असहज करता है। इससे पक्षियों को संबंधित क्षेत्रों से दूर रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान पक्षियों की मौजूदगी को कम करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
इस साल सितंबर तक बर्ड हिट की 22 घटनाएं
पटना एयरपोर्ट पर बर्ड हिट की घटनाएं विमान सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में एयरपोर्ट पर बर्ड हिट की 32 घटनाएं दर्ज की गई थीं। वहीं, वर्ष 2026 में सितंबर तक 22 मामले सामने आ चुके थे। इन आंकड़ों ने पक्षियों से जुड़े जोखिम को कम करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत को रेखांकित किया है।
ब्लैक काइट यानी चील से सबसे ज्यादा खतरा
एयरपोर्ट के आसपास ब्लैक काइट यानी चील की मौजूदगी को प्रमुख चुनौती माना जा रहा है। इसे देखते हुए वन विभाग की ओर से पक्षियों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के दौरान पक्षियों की संख्या, उनकी आवाजाही और उन स्थानों की पहचान की जाएगी, जहां उन्हें भोजन मिलता है।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पक्षियों को एयरपोर्ट के आसपास आने से रोकने के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
मांस-मछली की दुकानें और कचरा भी बड़ी वजह
एयरपोर्ट के आसपास खुले में बिकने वाले मांस-मछली के अवशेष और कचरे के ढेर पक्षियों को आकर्षित करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चितकोहरा गोलंबर के पास मांस-मछली की दुकानें और गर्दनीबाग स्थित गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन ऐसे प्रमुख स्थानों में शामिल हैं, जहां उपलब्ध खाद्य अवशेषों के कारण पक्षियों की आवाजाही बढ़ सकती है।
इस समस्या से निपटने के लिए रिफ्लेक्टिव रिबन लगाने के साथ-साथ कचरे के उचित निस्तारण और पक्षियों को आकर्षित करने वाले स्रोतों पर नियंत्रण करने की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
विमान से पक्षियों के टकराने की घटना को बर्ड हिट या बर्ड स्ट्राइक कहा जाता है। टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान ऐसी घटनाएं विमान के इंजन और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए एयरपोर्ट परिसर के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी और साफ-सफाई जरूरी है।
पटना एयरपोर्ट पर रिफ्लेक्टिव रिबन लगाने और वन विभाग के सर्वे से पक्षियों के खतरे को कम करने में कितनी सफलता मिलती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल, विमान परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए पक्षियों की गतिविधियों और उन्हें आकर्षित करने वाले स्थानों पर नियंत्रण करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







