पटना : बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अगले साल मार्च-अप्रैल 2027 में पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, चुनाव की अंतिम तारीखों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
ईबीसी आरक्षण बना चुनावी कार्यक्रम में देरी की वजह
बिहार में पंचायत चुनाव की समय-सीमा को लेकर पहले भी कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। अब अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) आरक्षण से जुड़े मुद्दों के कारण चुनाव कार्यक्रम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। इसी वजह से पंचायत चुनाव मार्च-अप्रैल 2027 में कराए जाने की चर्चा है।
मतदाता सूची को दुरुस्त करने की तैयारी
पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची को अपडेट करना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके तहत पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, नामों में सुधार करने और सूची की त्रुटियों को दूर करने पर ध्यान दिया जा रहा है। मतदाता सूची सही होने से चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
मुखिया से लेकर पंचायत सदस्य तक के चुनाव पर नजर
बिहार में पंचायत चुनाव के दौरान मुखिया, ग्राम पंचायत सदस्य, सरपंच, पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य जैसे पदों के लिए निर्वाचन कराया जाता है। संभावित चुनाव कार्यक्रम को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में भावी प्रत्याशियों और स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों पर भी नजर बनी हुई है।
आधिकारिक तारीखों का इंतजार
फिलहाल मार्च-अप्रैल 2027 को संभावित चुनाव अवधि के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव की तारीख, चरणों और विस्तृत कार्यक्रम की पुष्टि राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के बाद ही होगी। ऐसे में मतदाताओं और संभावित प्रत्याशियों को आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
