डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवंबर 2026 में बिहार दौरे की संभावना जताई जा रही है। इस संभावित दौरे के लिए भागलपुर का नाम चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 20 नवंबर को कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है। हालांकि, दौरे की तारीख और स्थान को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
भागलपुर में हो सकता है प्रधानमंत्री का कार्यक्रम
बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे को लेकर तैयारियां शुरू होने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भागलपुर जिले के सुल्तानगंज क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है। यह इलाका मुंगेर और बांका के आसपास स्थित है।
अगर प्रस्तावित कार्यक्रम को मंजूरी मिलती है, तो बिहार को कई विकास परियोजनाओं की सौगात मिल सकती है। इनमें बिजली, शिक्षा और हवाई कनेक्टिविटी से जुड़ी योजनाएं प्रमुख हैं।
इन 3 बड़ी परियोजनाओं पर हो सकती है घोषणा
1. पीरपैंती थर्मल पावर स्टेशन
प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम में भागलपुर के पीरपैंती थर्मल पावर स्टेशन का शिलान्यास शामिल हो सकता है। इस परियोजना से राज्य में बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
2. विक्रमशिला के पास केंद्रीय विश्वविद्यालय
कहलगांव के विक्रमशिला क्षेत्र के पास नए केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव भी चर्चा में है। इसके आगे बढ़ने से भागलपुर और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए अवसर मिल सकते हैं।
3. सुल्तानगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
सुल्तानगंज में अजगैवीनाथ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की योजना भी संभावित घोषणाओं में शामिल बताई जा रही है। इसके निर्माण से क्षेत्र में हवाई संपर्क बेहतर होने और पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
459 योजनाओं की सूची भी भेजी गई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भवन निर्माण विभाग ने प्रधानमंत्री कार्यालय को बिहार की 459 योजनाओं का ब्योरा भेजा है। इन योजनाओं की कुल अनुमानित स्वीकृत राशि करीब 3,242.95 करोड़ रुपये बताई गई है।
भागलपुर जिले में जगदीशपुर प्रखंड के सन्हौली, शाहकुंड प्रखंड के सजौर और मकंदपुर में बने पंचायत सरकार भवनों का उद्घाटन भी प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल हो सकता है। प्रत्येक भवन के निर्माण पर करीब 3 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है।
क्या 20 नवंबर को आएंगे PM मोदी?
फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे की संभावित तारीख 20 नवंबर 2026 के आसपास बताई जा रही है। हालांकि, इसे अंतिम कार्यक्रम नहीं माना जा सकता। दौरे की तारीख, आयोजन स्थल और परियोजनाओं की सूची पर आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
