पटना : बिहार के वित्तरहित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने अनुदान की राशि सीधे बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार भुगतान RTGS के माध्यम से किया जा रहा है, ताकि पात्र लाभार्थियों को सीधे राशि मिल सके।
RTGS से शुरू हुआ अनुदान का भुगतान
राज्य सरकार के निर्देश पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 21 अक्टूबर 2026 से अनुदान की राशि का भुगतान शुरू किया है। समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एस.एम. के अनुसार, पहले दिन भी बड़ी संख्या में शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के बैंक खातों में राशि भेजी गई।
समिति ने अनुदान वितरण की पूरी प्रक्रिया आगामी दो दिनों में पूरी करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों को 23 अक्टूबर तक भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, खाते में राशि आने का वास्तविक समय बैंक और दस्तावेजों के सत्यापन पर निर्भर कर सकता है।
किन शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
इस व्यवस्था के तहत वित्तरहित माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत पात्र शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी लाभान्वित होंगे। अनुदान का भुगतान संबंधित विद्यालयों की प्रबंध समिति से प्राप्त अनुमोदित सूची के आधार पर किया जा रहा है।
इसके अलावा, संबंधित जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित आवश्यक प्रपत्रों के आधार पर भी लाभार्थियों का सत्यापन किया जा रहा है।
दस्तावेज अधूरे होने पर क्या होगा?
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अनुसार, कुछ विद्यालयों की प्रबंध समिति से अनुमोदित सूची और जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित प्रपत्र अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं। ऐसे संस्थानों से जरूरी दस्तावेज मंगाए जा रहे हैं।
दस्तावेज प्राप्त होने के बाद संबंधित विद्यालयों के पात्र शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के खातों में भी RTGS के माध्यम से अनुदान भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शिक्षकों को क्या करना चाहिए?
जिन शिक्षकों और कर्मचारियों को अभी तक अनुदान की राशि नहीं मिली है, उन्हें अपने विद्यालय प्रबंधन से लाभार्थी सूची और आवश्यक दस्तावेजों की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। साथ ही, बैंक खाते का विवरण सही होने की पुष्टि करनी चाहिए, ताकि भुगतान में अनावश्यक देरी न हो।







