पटना : बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी के रास्ते पर्यटन को बढ़ावा देने वाला लग्जरी गंगा विलास क्रूज बुधवार को गायघाट जेटी पहुंचा। कोलकाता से गंगा नदी के रास्ते आए इस क्रूज पर 15 पर्यटक सवार हैं। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल क्रूज को मीतन घाट के पास ठहराया गया है। गुरुवार को इसके पटना से वाराणसी के लिए रवाना होने की योजना है।
गंगा विलास क्रूज के पटना पहुंचने से गंगा जलमार्ग के माध्यम से पर्यटन की संभावनाएं एक बार फिर चर्चा में हैं। इस यात्रा में विदेशी पर्यटकों को गंगा के प्राकृतिक नजारों, नदी किनारे बसे शहरों और भारतीय संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिल रहा है।
कोलकाता से पटना तक 950 किलोमीटर का सफर
गंगा विलास क्रूज कोलकाता से रवाना होकर गंगा नदी के रास्ते करीब 950 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पटना पहुंचा है। क्रूज में यात्रियों के ठहरने के लिए कुल 36 लोगों की व्यवस्था बताई गई है। इस दौरान पर्यटक नदी के मनोरम दृश्यों के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर रहे हैं।
गुरुवार को वाराणसी के लिए रवाना होने की योजना
पटना में ठहराव के बाद क्रूज के गुरुवार को वाराणसी के लिए रवाना होने का कार्यक्रम है। काशी पहुंचने के बाद पर्यटकों के दो से तीन दिनों तक ठहरने की योजना बताई गई है। हालांकि, यात्रा का वास्तविक समय गंगा के जलस्तर और नौवहन की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
नदी में पर्याप्त गहराई और अनुकूल परिस्थितियां होने पर क्रूज निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ सकता है। जलस्तर और रास्ते की स्थिति को देखते हुए यात्रा के समय में बदलाव भी संभव है।
लग्जरी सुविधाओं के लिए मशहूर है गंगा विलास
गंगा विलास क्रूज अपनी आधुनिक सुविधाओं और लंबी नदी यात्रा के लिए जाना जाता है। इसमें पर्यटकों के ठहरने के लिए सुइट की व्यवस्था है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, एक सुइट का किराया करीब 50 हजार रुपये प्रति रात बताया गया है, जिसमें दो यात्रियों के ठहरने की सुविधा है।
क्रूज के जरिए पर्यटक गंगा के किनारे बसे शहरों, प्राकृतिक स्थलों और भारत की ऐतिहासिक विरासत को नजदीक से देख सकते हैं। इस तरह की यात्राएं नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय पर्यटन स्थलों की पहचान बढ़ाने में भी मदद कर सकती हैं।
डिब्रूगढ़ तक 50 दिनों की यात्रा की भी तैयारी
गंगा विलास क्रूज की प्रस्तावित लंबी यात्राओं में कोलकाता, पटना, वाराणसी, सुंदरबन, बांग्लादेश के रास्ते ढाका और गुवाहाटी होते हुए डिब्रूगढ़ तक का मार्ग शामिल बताया गया है। इस यात्रा की अवधि करीब 50 दिन बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके लिए बुकिंग भी शुरू हो चुकी है।
पटना में गंगा विलास क्रूज का ठहराव बिहार में नदी पर्यटन की संभावनाओं को रेखांकित करता है। अब पर्यटकों की अगली मंजिल वाराणसी है, जहां से उनकी यात्रा आगे बढ़ेगी। हालांकि, क्रूज के प्रस्थान समय और आगे के कार्यक्रम की पुष्टि संबंधित प्राधिकरण से करना आवश्यक है।







