हाजीपुर/वैशाली : बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में वैशाली जिले के राजापाकर में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए भूमि अर्जन और मुआवजा भुगतान का काम तेजी से किया जा रहा है। कुल 11 मौजों में 1,234.42497 एकड़ जमीन अर्जित की जा रही है। इनमें से आठ मौजों की 485.50817 एकड़ जमीन का दखल-कब्जा आईडीए, पटना को सौंपा जा चुका है। शेष तीन मौजों की 748.9167 एकड़ जमीन का दखल-कब्जा 31 अक्टूबर 2026 तक सौंपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डीएम ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भूमि अर्जन के बदले अब तक लगभग 3,800 रैयतों को कुल 316 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए जा चुके हैं। शेष पात्र रैयतों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी जारी है।
दो चरणों में सौंपी गई 485 एकड़ से अधिक जमीन
डीएम के अनुसार, राजापाकर औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की गई है। पहले चरण में पांच मौजों की 159.46515 एकड़ जमीन का दखल-कब्जा 3 अक्टूबर 2026 को आईडीए, पटना को सौंपा गया था।
इसके बाद 21 अक्टूबर को तीन अन्य मौजों की 326.04302 एकड़ जमीन का दखल-कब्जा हस्तांतरित किया गया। इस तरह अब तक कुल आठ मौजों की 485.50817 एकड़ जमीन आईडीए को सौंपी जा चुकी है।
31 अक्टूबर तक शेष 748 एकड़ जमीन सौंपने का लक्ष्य
औद्योगिक क्षेत्र के लिए शेष तीन मौजों बहसी दामोदर, बहसी सैदपुर और जाफरपट्टी की कुल 748.9167 एकड़ जमीन का दखल-कब्जा 31 अक्टूबर तक सौंपने की योजना है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
शेष जमीन का हस्तांतरण पूरा होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र के विकास से जुड़ी अगली प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
4,900 रैयतों ने किया आवेदन, 3,800 को मिला मुआवजा
भूमि अर्जन के बदले मुआवजा भुगतान के लिए अब तक लगभग 4,900 रैयतों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। ये आवेदन करीब 600 एकड़ जमीन से संबंधित बताए गए हैं। इनमें से लगभग 3,800 रैयतों को कुल 316 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
शेष आवेदनों की जांच और पात्र रैयतों को भुगतान करने की प्रक्रिया जारी है। जिला प्रशासन का कहना है कि नियमानुसार पात्र लोगों को मुआवजा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
मुआवजा दर और संरचना संबंधी आपत्तियों की होगी जांच
भूमि अर्जन के दौरान कुछ रैयतों ने मुआवजे की दर और जमीन पर मौजूद संरचनाओं के मूल्यांकन को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इन मामलों की जांच के लिए जिला स्तर पर समिति गठित की गई है। समिति आपत्तियों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उद्योगों को आवंटित किए जाएंगे भूखंड
डीएम ने बताया कि शेष जमीन का दखल-कब्जा सौंपे जाने के बाद आईडीए की ओर से जमीन की मापी और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा विभिन्न उद्योगों को भूखंड आवंटित करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
राजापाकर में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से भविष्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे वैशाली जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है। हालांकि, उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन की वास्तविक स्थिति आगे होने वाले निवेश तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
