पटना : बिहार में आईटी सेक्टर को नई गति देने के लिए राजधानी पटना में आधुनिक टेक पार्क बनाने की तैयारी तेज हो गई है। करीब 3.80 एकड़ जमीन पर विकसित होने वाली इस परियोजना पर लगभग 413 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं, परियोजना के पूरा होने और प्रस्तावित लीज व्यवस्था के तहत बिहार सरकार को करीब 1,071 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना जताई गई है।
इस टेक पार्क का उद्देश्य बिहार में आईटी कंपनियों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को आकर्षित करना है। इससे राज्य में निवेश बढ़ाने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने की उम्मीद है।
आईटी ऑफिस से लेकर होटल और आवास तक की सुविधा
प्रस्तावित टेक पार्क को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां आईटी कंपनियों के कार्यालयों के साथ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अलग-अलग ब्लॉक विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा होटल, आवासीय परिसर, दुकानें और खाने-पीने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है।
परियोजना की प्रमुख विशेषताओं में 11 मंजिला आईटी-सह-वाणिज्यिक ब्लॉक, सात मंजिला होटल और आठ मंजिला आवासीय ब्लॉक शामिल हैं। परिसर में लगभग 300 कारों की पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
इस तरह टेक पार्क को केवल आईटी कंपनियों के कार्यालयों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे व्यावसायिक और आवासीय सुविधाओं से युक्त एक आधुनिक परिसर के रूप में विकसित करने की योजना है।
NBCC को निर्माण की जिम्मेदारी देने की मंजूरी
बिहार सरकार ने इस परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के उपक्रम एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड को सौंपने की स्वीकृति दी है। अब इसके लिए सूचना प्रावैधिकी विभाग और एनबीसीसी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
एमओयू होने के बाद परियोजना से संबंधित आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके तहत निर्माण की रूपरेखा, कार्यान्वयन और अन्य जरूरी पहलुओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
सरकार को 1,071 करोड़ रुपये की आय का अनुमान
इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसके प्रस्तावित वित्तीय मॉडल को बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकार को अपने बजट से सीधे राशि खर्च नहीं करनी पड़ेगी। वहीं, 90 साल तक की प्रस्तावित लीज अवधि में लगभग 1,071 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है।
हालांकि, यह अनुमान परियोजना की शर्तों, लीज व्यवस्था और वास्तविक क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। इसलिए इसे सरकार की निश्चित आय के बजाय संभावित राजस्व के रूप में देखा जाना चाहिए।
12 अक्टूबर को कैबिनेट से मिली थी मंजूरी
बिहार कैबिनेट की 12 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में टेक पार्क बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। परियोजना की निगरानी के लिए सूचना प्रावैधिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित करने की भी योजना है।
बिहार में आईटी निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
पटना में आधुनिक टेक पार्क विकसित होने से राज्य में आईटी कंपनियों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने और दूसरे राज्यों की कंपनियों को बिहार में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की उम्मीद है।
इसके अलावा, होटल, आवासीय परिसर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विकास से सहायक क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। अब इस परियोजना की अगली प्रगति एमओयू पर हस्ताक्षर और निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।







