पटना : बिहार की राजधानी पटना के बिहटा स्थित एयरफोर्स स्टेशन के आसपास निर्माण गतिविधियों को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। एयरफोर्स स्टेशन की बाहरी दीवार से 100 मीटर के दायरे में हो रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही रनवे के एप्रोच फनल में अनधिकृत निर्माण की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया है।
100 मीटर के दायरे में निर्माण गतिविधियों की होगी समीक्षा
बिहटा हवाई अड्डे पर विमानों का परिचालन सुचारू बनाने के लिए 16 सितंबर 2026 को गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। बैठक में एयरफोर्स स्टेशन की ओर से विमानों के परिचालन में आ रही समस्याओं को सामने रखा गया। अधिकारियों ने एयरफोर्स स्टेशन की बाहरी दीवार के शिखर से 100 मीटर के दायरे में निर्माण गतिविधियों की समीक्षा करने पर चर्चा की।
इस दौरान रनवे के एप्रोच फनल में अनधिकृत निर्माणों की पहचान और उनसे जुड़ी समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान दिया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस पूरे दायरे में निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने संबंधी किसी नए आदेश की स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई है।
नालियों के अतिक्रमण और जमीन से जुड़े मामलों पर भी जोर
बैठक में स्थानीय स्तर पर मानसूनी नालियों पर अतिक्रमण और जलनिकासी में आ रही बाधाओं को दूर करने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा एयरफोर्स स्टेशन से सटी जमीन के आवंटन, रक्षा भूमि के म्यूटेशन और स्टेशन के लिए नवनिर्मित 33 केवी फीडर लाइन को समर्पित करने से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई।
प्रधान सचिव ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया, ताकि विमानों के सुरक्षित और सुचारू परिचालन में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके।
बिहटा एयरपोर्ट के लिए क्यों अहम है यह कदम?
बिहटा में विकसित हो रहा हवाई अड्डा पटना और आसपास के क्षेत्रों की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके विकास से पटना एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने और यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराने की उम्मीद है।
एयरफोर्स स्टेशन के आसपास निर्माण गतिविधियों की समीक्षा, अनधिकृत निर्माण की पहचान और जलनिकासी की समस्याओं का समाधान इस परियोजना से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने में मददगार हो सकता है।
