पटना : बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। करीब 245 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण से पटना से पूर्णिया तक का सफर लगभग 3 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। फिलहाल सड़क मार्ग से इस दूरी को तय करने में करीब 7 से 8.5 घंटे तक लग जाते हैं। परियोजना की अनुमानित पूंजीगत लागत 31,987 करोड़ रुपये बताई गई है।
बिहार का पहला नेशनल एक्सप्रेसवे होगा पटना-पूर्णिया मार्ग
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को बिहार के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजना माना जा रहा है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग NE-9 के रूप में अधिसूचित किया गया है। लगभग 244.96 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से राजधानी पटना और सीमांचल के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
इस परियोजना के तहत चार लेन का एक्सप्रेसवे बनाने की योजना है, जिसे भविष्य में छह लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इसकी डिजाइन गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे निर्धारित की गई है। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय यातायात, प्रवेश-निकास मार्ग और सड़क की परिचालन स्थिति पर निर्भर करेगा।
₹31,987 करोड़ की लागत से बनेगा एक्सप्रेसवे
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे की अनुमानित पूंजीगत लागत करीब 31,987 करोड़ रुपये है। परियोजना से संबंधित विवरणों के अनुसार, सड़क के निर्माण की लागत लगभग 12,052 करोड़ रुपये बताई गई है। दोनों आंकड़े अलग-अलग लागत श्रेणियों से संबंधित हैं।
इस एक्सप्रेसवे का निर्माण तीन पैकेज में प्रस्तावित है। इसके लिए बिहार के छह जिलों के 29 प्रखंडों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी परियोजना का अहम हिस्सा है। मार्ग के लिए 250 से अधिक गांवों की जमीन चिह्नित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
किन जिलों और शहरों को मिलेगा फायदा?
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया समेत कई क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इसके अलावा संपर्क मार्गों के जरिए आसपास के इलाकों को भी मुख्य एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है।
एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद यात्रियों को राजधानी पटना आने-जाने में कम समय लग सकता है। इससे इलाज, शिक्षा, कारोबार और दूसरे जरूरी कामों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिलने की संभावना है।
कोसी और सीमांचल के विकास को मिलेगी रफ्तार
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से केवल यात्रा का समय कम होने की ही उम्मीद नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को कृषि उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। वहीं, व्यापारियों और उद्योगों के लिए माल ढुलाई आसान होने की संभावना है।
सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है। खासकर कोसी और सीमांचल के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
कोसी नदी पर बनेगा लंबा पुल, 21 इंटरचेंज की योजना
परियोजना के प्रस्तावित ढांचे में कोसी नदी पर लगभग 7 किलोमीटर लंबा पुल, 21 इंटरचेंज, 21 बड़े पुल, 140 छोटे पुल और 322 अंडरपास शामिल हैं। इसके अतिरिक्त रेलवे ओवरब्रिज और विभिन्न नदियों एवं जलधाराओं पर पुल बनाने की योजना है।
इन सुविधाओं का उद्देश्य एक्सप्रेसवे पर यातायात को सुगम बनाना और विभिन्न क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना है।
कब शुरू होगा निर्माण कार्य?
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं में भूमि अधिग्रहण, तकनीकी मंजूरी और परियोजना की अन्य औपचारिकताएं महत्वपूर्ण हैं। निर्माण कार्य की शुरुआत और पूरा होने की अंतिम समयसीमा की पुष्टि आधिकारिक अपडेट के आधार पर ही की जानी चाहिए।
कुल मिलाकर, पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे बिहार के सड़क परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके पूरा होने पर पटना से पूर्णिया की यात्रा का समय काफी कम होने और कोसी-सीमांचल क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।







