डेस्क : बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया के बोधगया में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) का शुभारंभ किया। इस मौके पर बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 के कर्टेन रेजर समारोह का भी आयोजन हुआ। सरकार को उम्मीद है कि इस परियोजना से बिहार में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
1,670 एकड़ में बनेगी मैन्युफैक्चरिंग सिटी
अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत गया जिले के डोभी प्रखंड में करीब 1,670 एकड़ जमीन पर बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी विकसित की जाएगी। इस परियोजना में लगभग 16,500 करोड़ रुपये के निवेश की क्षमता है। इससे करीब 1 लाख 10 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना का लोगो जारी किया और वेब पोर्टल लॉन्च किया.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार अब उद्योगों के विकास के लिए पूरी तरह तैयार है। निवेशकों को राज्य के प्रति अपनी सोच बदलनी चाहिए और यहां उपलब्ध औद्योगिक अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। सरकार का लक्ष्य निवेश को केवल समझौता ज्ञापनों तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक औद्योगिक परियोजनाओं, उत्पादन और रोजगार में बदलना है।
जनवरी तक 13,500 एकड़ भूमि अधिग्रहण का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योगों और आधारभूत संरचना के विकास के लिए करीब 13,500 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसे जनवरी तक पूरा करने की संभावना है। औद्योगिक सुविधाओं के विकास में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार के अनुसार, बिहार में स्टील, बेवरेज और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
गया और बोधगया की धार्मिक एवं ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखते हुए मगध के नाम पर टाउनशिप और सांस्कृतिक विरासत केंद्र स्थापित करने की योजना है। इससे पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गया को दुबई और काठमांडू से हवाई मार्ग द्वारा जोड़ने की योजना है। इसके अलावा भागलपुर, सोनपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी हवाई संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
बिहार में स्टील एवं मेटल्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, ऑटोमोबाइल और बायोफ्यूल जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि औद्योगिक विकास को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ना प्राथमिकता है, ताकि बिहार के युवाओं को अपने ही राज्य में काम के अवसर मिल सकें।
बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 का आयोजन 17 और 18 फरवरी 2027 को किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश-दुनिया के निवेशकों को बिहार की औद्योगिक क्षमता, नीतियों और निवेश के अवसरों से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने प्रवासी बिहारियों से भी राज्य के विकास में भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने बताया कि बिहार फाउंडेशन के माध्यम से 55 देशों के लोगों से जुड़ाव है।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह समेत कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विदेशी राजनयिक, उद्योगपति और निवेशक मौजूद रहे। सरकार को उम्मीद है कि गया की मैन्युफैक्चरिंग सिटी बिहार को देश के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।







