पटना : बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) से निष्कासित किए जाने के बाद अनंत सिंह लगातार पार्टी और उसके नेतृत्व पर निशाना साध रहे हैं। इसी बीच उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। अनंत सिंह ने साफ कहा कि वह कभी किसी पार्टी से टिकट मांगने नहीं गए, बल्कि पार्टी ने उन्हें बुलाकर टिकट दिया था। उन्होंने अपनी पार्टी बनाने की भी बात कही है।
‘हम कभी टिकट मांगने नहीं गए’, अनंत सिंह का बड़ा बयान
अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें जेडीयू से निकाले जाने का कोई गम नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता और भगवान ही सब कुछ हैं। पार्टी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है।
अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए अनंत सिंह ने कहा कि वह कभी टिकट मांगने नहीं गए। पार्टी ने उन्हें खुद बुलाकर टिकट दिया था। उनके इस बयान को जेडीयू नेतृत्व के साथ चल रहे विवाद के बीच काफी अहम माना जा रहा है।
JDU से निष्कासन के बाद क्या करेंगे अनंत सिंह?
जेडीयू से निष्कासित होने के बाद अनंत सिंह के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने अपनी पार्टी बनाने की बात कही।
अनंत सिंह ने जेडीयू के भविष्य पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने पार्टी बनाई थी और अब उनके बिना पार्टी का भविष्य मुश्किल दिखाई दे रहा है। हालांकि, उनके इस राजनीतिक आकलन पर जेडीयू की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी।
नीरज कुमार के विरोध से शुरू हुआ पूरा विवाद
अनंत सिंह और जेडीयू के बीच विवाद की प्रमुख वजह बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट का चुनाव रहा। जेडीयू ने इस सीट से अपने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया था। वहीं, अनंत सिंह ने जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया और जेडीयू के आधिकारिक प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार किया।
पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि माना। इस घटनाक्रम ने जेडीयू के भीतर मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया।
अनंत सिंह और नीलम देवी पर JDU का बड़ा एक्शन
जेडीयू ने मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह और उनकी पत्नी एवं पूर्व विधायक नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के साथ उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए भी बिहार विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की अनुशंसा की है।
यह कार्रवाई पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ दूसरे प्रत्याशी का समर्थन करने और कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के बाद की गई।
क्या बिहार में नई पार्टी बनाएंगे अनंत सिंह?
अनंत सिंह के नई पार्टी बनाने के बयान ने बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा छेड़ दी है। अगर वह इस दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो इसका असर मोकामा और आसपास के राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।
हालांकि, अभी सबसे अहम सवाल यही है कि अनंत सिंह अपनी पार्टी बनाने की घोषणा को कब और किस रूप में आगे बढ़ाते हैं। फिलहाल उनके बयान से इतना स्पष्ट है कि जेडीयू से निष्कासन के बाद वह अपनी राजनीतिक राह अलग बनाने के संकेत दे रहे हैं।
अब देखना होगा कि अनंत सिंह आने वाले दिनों में नई पार्टी के गठन की दिशा में कदम उठाते हैं या बिहार की राजनीति में किसी दूसरे विकल्प के साथ आगे बढ़ते हैं।







