पटना : बिहार में नए अधिवक्ताओं के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार की योजना के तहत पात्र नए वकीलों को तीन वर्षों तक हर महीने 5,000 रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक अधिवक्ताओं को 30 नवंबर 2026 तक आवेदन जमा करना होगा। महाधिवक्ता एसडी संजय ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
महाधिवक्ता ने बताया कि एक जनवरी 2024 के बाद बिहार स्टेट बार काउंसिल में पंजीकृत अधिवक्ता निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि योजना नई होने के कारण शुरुआती दौर में कुछ व्यावहारिक समस्याएं आ सकती हैं, लेकिन सरकार पात्र अधिवक्ताओं को इसका लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है।
अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं
राज्य सरकार ने अधिवक्ताओं के कल्याण और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है। इनमें नए वकीलों को तीन वर्षों तक मासिक स्टाइपेंड देने के साथ अधिवक्ता संघों में ई-लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देना शामिल है।
इसके लिए सरकार बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को 30 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करा चुकी है। इसके अलावा महिला अधिवक्ताओं के लिए शौचालय की सुविधा विकसित करने और अधिवक्ताओं के चेंबरों में सुधार करने की योजनाएं भी शामिल हैं।
स्टाइपेंड के लिए कैसे करें आवेदन?
योजना का लाभ लेने के इच्छुक अधिवक्ताओं को 100 रुपये का आवेदन फॉर्म खरीदना होगा। आवेदन के साथ निर्धारित दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है।
आवश्यक दस्तावेजों में मैट्रिक का प्रमाणपत्र, अधिवक्ता पंजीकरण प्रमाणपत्र, अनुभव एवं सक्रिय वकालत का प्रमाणपत्र, माता-पिता का आय प्रमाणपत्र और बिहार का निवासी होने का प्रमाण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पैन कार्ड, अखिल भारतीय बार परीक्षा (AIBE) उत्तीर्ण करने का प्रमाणपत्र और एक रद्द चेक भी जमा करना होगा।
आवेदक को आपराधिक मामले में संलिप्त नहीं होने तथा वकालत के अतिरिक्त किसी अन्य व्यवसाय में शामिल नहीं होने संबंधी शपथपत्र भी देना होगा।
आवेदन पर हस्ताक्षर अनिवार्य
महाधिवक्ता एसडी संजय ने स्पष्ट किया कि आवेदन पत्र पर संबंधित अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष और महासचिव के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। इसलिए आवेदकों को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर समय-सीमा के भीतर आवेदन जमा करना होगा।
